चीन में बंद हुईं 13 लाख वेबसाइट

  • 14 जुलाई 2011
Image caption चीन में अक्सर फ़ेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर पर रोक लगती रही है

चीन में हुए एक अध्ययन के मुताबिक़ सरकार की ओर से इंटरनेट पर किए गए नियंत्रण के बाद 13 लाख से ज़्यादा वेबसाइट बंद हो गई हैं.

‘चाइनीज़ अकेडमी ऑफ सोशल साइंसेस’ के अनुसार वर्ष 2010 से अब तक 40 फ़ीसदी से ज़्यादा वेबसाइट इंटरनेट से हट चुकी हैं.

चीन के अधिकारियों ने पिछले कुछ सालों में इंटरनेट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और वर्ष 2009 के बाद पोर्नोग्राफिक यानी अश्लील वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

हालांकि अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि चीन में इंटरनेट पर लागू की गई सख्ती का वेबसाइटों की संख्या में आई कमी से कोई लेना-देना नहीं है और चीन में इंटरनेट पर ‘अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है’.

अकादमी से जुड़े लियु रुईशेंग का कहना है कि वेबसाइटों की घटती संख्या के बावजूद वेब-पेज की संख्या बढ़ी है. वर्ष 2010 से अब तक इसमें 79 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

उन्होंने कहा, ''इन वेबसाइट्स के बंद होने का मतलब है कि चीन में इंटरनेट पर मौजूद जानकारी बेहतर होती जा रही है और यह साफ़तौर पर सरकार की ओर से की गई कड़ाई और नियंत्रण के बाद हुआ है.''

चीन के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से इंटरनेट पर जारी इस पहरे के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद करते रहे हैं.

चीन में अक्सर फ़ेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर यहां तक कि बीबीसी चीनी सर्विस की वेबसाइट पर भी रोक लगती रही है.

ग़ौरतलब है कि मिस्र, ट्यूनिशिया, लीबिया में फैले सरकार विरोधी प्रदर्शनों में इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट्स की ख़ासी भूमिका रही है.

माना जाता है कि इसके बाद 'जेसमिन क्रांति' की इस महक को चीन तक पहुँचाने की कोशिशों को ख़त्म करने के नज़रिए से चीन में इंटरनेट पर पहरा कड़ा कर दिया गया.

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