'गद्दाफ़ी देश छोड़ने के लिए तैयार हैं'

कर्नल गद्दाफ़ी (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption फ़्रांस के इस दावे में कितनी सच्चाई है कहना मुश्किल है.

फ़्रांस का कहना है कि उसने लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल मोअम्मर गद्दाफ़ी के एक ख़ास दूत से संपर्क किया है जिसका कहना है कि गद्दाफ़ी देश छोड़ने के लिए तैयार हैं.

फ़्रांस के विदेश मंत्री एलेन जूप ने फ़्रांसीसी रेडियो को बताया, ''लीबिया की सरकार हर तरफ़ अपना संदेश भेज रही है, तुर्की, अमरीका और फ़्रांस जिनमें कर्नल गद्दाफ़ी के देश छोड़ने से संबंधित बातचीत करने की पेशकश की गई है.''

लेकिन विदेश मंत्री ने ये भी साफ़ किया कि इन संपर्कों का अर्थ लीबिया के साथ विधिवत रूप से बातचीत नहीं है.

लीबिया में नागरिको की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र से स्वीकृति के बाद लीबिया के ख़िलाफ़ की जाने वाली नेटो की सैन्य कार्रवाई में फ़्रांस ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने मंगलवार को फ़्रांस इन्फ़ो रेडियो से बातचीत के दौरान कहा, ''हम से लीबियाई सरकार के कई दूत संपर्क कर रहें हैं, जो कह रहें हैं कि गद्दाफ़ी देश छोड़ने को तैयार हैं. आएं उस पर बातचीत करें.''

उन्होंने आगे कहा कि संपर्क ज़रूर हो रहें हैं लेकिन अभी इसे विधिवत रूप से बातचीत नहीं कहा जा सकता है.

फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने ये नहीं बताया कि संपर्क करने वाले लीबियाई सरकार के दूत कौन हैं.

फ़्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बर्नार्ड वैलेरो का कहना है, ''यहां कुछ दूत आए हैं जो कहते हैं कि उन्हें गद्दाफ़ी ने भेजा है. अहम बात ये है कि हम भी उन्हें यही संदेश भिजवाएं और इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें.''

संसद में बहस

फ़्रांसीसी विदेश मंत्री का ये बयान ऐसे समय में आया है जब फ़्रांस की संसद में लीबिया पर पिछले चार महीनों से जारी हवाई हमले के जारी रहने के बारे में बहस हो रही है.

फ़्रांस के प्रधान मंत्री फ़्रैंकोइस फ़िलन ने संसद को जानकारी दी कि लीबिया की समस्या का राजनीतिक हल निकलना शूरू हो गया है.

पेरिस संवाददाता ह्यूग शोफ़िल्ड का कहना है कि हो सकता है कि फ़्रांस का ये दावा बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा हो लेकिन इतना ज़रूर है कि फ़्रांस जो कि लीबिया के ख़िलाफ़ अभियान में सबसे आगे रहा है, वो पहली बार इस बात के संकेत दे रहा है कि वो किसी समाधान की ओर बढ़ रहा है.

लीबिया के पूर्वी और कुछ पश्चिमी इलाक़ों में विद्रोहियों का नियंत्रण है लेकिन अभी तक वे राजधानी त्रिपोली तक पहुंचने के लिए कोई निर्णायक चाल चलने में सफल नहीं हो पाए हैं जहां अभी भी कर्नल गद्दाफ़ी का नियंत्रण बना हुआ है.

फ़्रांस और उसके दूसरे सहयोगी ज़ोर देते रहें हैं कि लड़ाई ख़त्म करने के लिए ज़रूरी है कि पहले कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता छोड़ दें.

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