परमाणु मुक्त समाज चाहते हैं प्रधानमंत्री

नाओतो कान
Image caption नाओतो कान की लोकप्रियता काफ़ी कम हुई है

जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा है कि फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुई तबाही के बाद उनके देश को परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को धीरे-धीरे ख़त्म कर देना चाहिए.

हालाँकि उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई लेकिन उनका कहना था कि वे इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि परमाणु ऊर्जा को परंपरागत तरीक़े से सुरक्षित रखा जा सकता है.

प्रधानमंत्री नाओतो कान ने पहले भी ये कहा है कि जापान को परमाणु ऊर्जा पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए.

इस साल मार्च में आए भूकंप और फिर सुनामी के कारण जापान का फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र पूरी तरह तबाह हो गया था.

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र से अब भी रेडियो एक्टिव पदार्थों का रिसाव हो रहा है. इसके अलावा सुरक्षा चिंताओं के कारण देश के 35 परमाणु रिएक्टरों को बंद रखा गया है.

परमाणु मुक्त समाज

लेकिन इस आपदा से पहले जापान में उसकी ऊर्जा ज़रूरतों का 30 फ़ीसदी हिस्सा परमाणु ऊर्ज़ा से पूरा होता था. और तो और जापान ने वर्ष 2030 तक परमाणु ऊर्जा पर निर्भरता 53 फ़ीसदी करने का लक्ष्य भी रखा था.

प्रधानमंत्री नाओतो कान पहले ही ये कह चुके हैं कि ये लक्ष्य बेमानी है.

बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हम एक ऐसे समाज को समझने का लक्ष्य रख रहे हैं, जो परमाणु ऊर्जा के बिना भी अस्तित्व में रह सकता है."

उन्होंने कहा कि उनके देश को वैकल्पित ऊर्जा के स्रोतों जैसे सूरज, हवा जैसे स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

नाओतो कान ने इससे इनकार किया कि वे देश में नए चुनाव कराना चाहते हैं. एक साल पहले सत्ता संभालने वाले नाओतो कान की लोकप्रियता इस समय सबसे निचले स्तर पर है.

इस सप्ताह हुए जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ देश की आबादी का सिर्फ़ 16 प्रतिशत हिस्सा ही ये मानता है कि प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं.

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