'लीबिया में विद्रोही कर रहे हैं अत्याचार'

  • 13 जुलाई 2011
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Image caption लीबिया के विद्रोही त्रिपली शहर के रास्ते चार शहरों पर कब्ज़ा कर चुके हैं.

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने लीबिया के विद्रोहियों पर लूटपाट, आगज़नी और जनता के साथ अत्याचार का आरोप लगाया है.

संस्था के मुताबिक़ ऐसा देश के उन पश्चिमी हिस्सों में हो रहा है जहां विद्रोहियों का क़ब्ज़ा है.

न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच का दावा है कि ये जानकारी कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और उनके सदस्यों की आंखोंदेखी पर आधारित हैं.

संस्था ने एक बयान में कहा, “जून और जुलाई के महीनों में, त्रिपोली की तरफ़ बढ़ते विद्रोहियों ने, अपने क़ब्ज़े में लिए चार शहरों में सरकार का समर्थन करने के संदिग्ध लोगों के साथ मारपीट की और घर, दुकानें और अस्पताल जला दिए”.

मिस्र में विद्रोही मोअम्मर गद्दाफ़ी के 42 साल के शासन के ख़िलाफ संघर्ष कर रहे हैं.

अबतक विद्रोहियों की नेशनल ट्रांज़िश्नल काउंसिल की ओर से इन आरोपों पर कोई बयान नहीं आया है.

विद्रोहियों को सैन्य समर्थन

इन आरोपों से मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वालों की विद्रोहियों की छवि पर दाग़ लग सकता है.

लीबिया की जनता की रक्षा करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र की सहमति से नेटो देश भी विद्रोहियों को सैन्य मदद दे रहे हैं.

पिछले महीने फ्रांस ने नफूसा पहाड़ियों में हवाई रास्ते से विद्रोहियों को हथियार पहुंचाने की बात क़बूली थी.

ह्यूमन राइट्स वॉच के जो स्टोर्क ने कहा कि विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में आम जनता की देखभाल और अस्पतालों की सुरक्षा विद्रोहियों की ही ज़िम्मेदारी है.

संस्था के मुताबिक़ स्थानीय लोगों ने उसे बताया है कि कम से कम एक व्यक्ति विद्रोहियों के हाथों मारा गया है.

ह्यूमन राइट्स वॉच ने विद्रोहियों के एक मुखिया, एल-मोक्तार फ़िरनाना के हवाले से बताया है कि अत्याचार की कुछ घटनाएं हुईं जिनके लिए कुछ विद्रोहियों को सज़ा भी दी गई है. फ़िरनाना का बयान पेश करते हुए बताया गया है, “अगर हमने ऐसे आदेश नहीं दिए होते तो लोग पूरे के पूरे शहर को जला देते.”

विद्रोही नफूसा पहाड़ियों तक पहुंच चुके हैं और अब असाबाह शहर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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