रूपर्ड मर्डॉक का मीडिया साम्राज्य

  • 13 जुलाई 2011
रूपर्ट मर्डॉक और रिबेका ब्रुक्स इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption रूपर्ट मर्डॉक ने 22 वर्ष की उम्र में पत्रकारिता प्रबंधन की दुनिया में क़दम रखा था.

अनेक देशों में असरदार मीडिया संगठनों के मालिक न्यूज़ इंटरनेशनल के असरदार मालिक रूपर्ट मर्डॉक ने अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में ताज़ा जगह जब पाई जब फ़ोन टेप करने के घोटाले में नाम आने के बाद न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड अख़बार को बंद करने की घोषणा की गई.

अस्सी वर्ष के हो चुके रूपर्ट मर्डॉक को प्रेस के लिए लगाव अपने पिता से विरासत में मिला था और ख़ुद मर्डॉक अक्सर ही विवादों में घिरे रहते हैं.

रूपर्ट मर्डॉक के पिता सर कीथ ऑस्ट्रेलिया में सबसे असरदार अख़बारों के मालिक थे. जब उनकी मौत हुई तो रूपर्ट मर्डाक की उम्र सिर्फ़ 22 वर्ष थी.

रूपर्ट मर्डॉक को एडिलेड से प्रकाशित होने वाले दो अख़बारों में आधा हिस्सा मिला और तभी से उनका ये सफ़र शुरू हुआ.

ऑस्ट्रेलिया में 1931 में पैदा हुए रूपर्ट मर्डॉक ने ब्रिटेन के प्रतिष्ठत ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में शिक्षा हासिल की है और लोकप्रिय पत्रकारिता के साथ उनका हमेशा ही लगाव रहा है.

कहा जाता है कि रूपर्ट मर्डॉक अपने पत्रकारिता संस्थानों के संपादकों को उंगली पर नचाते हैं हालाँकि वो इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

देखने में चंचल नज़र आने वाले रूपर्ट मर्डॉक जब 1968 में न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड ख़रीदने के लिए ब्रिटेन पहुँचे तो लोगों को अंदाज़ा हुआ कि मर्डॉक असल में इस्पाती व्यक्तित्व वाले व्यावसायी हैं.

कुछ ही समय बाद उन्होंने सन अख़बार की काया पलट दी जिसमें महिलाओं की नंगी तस्वीरें छपने लगीं और अख़बार इतना चला कि ब्रिटेन का सबसे ज़्यादा बिकने वाला अख़बार बन गया. है.

1986 तक रूपर्ट मर्डॉक द टाइम्स और संडे टाइम्स के भी मालिक बन चुके थे. लेकिन रूपर्ट मर्डॉक के अख़बारों पर राजनीतिक दख़लअंदाज़ी करने के आरोप लगते रहे हैं कि वो ख़बरों को इस तरह तोड़ मरोड़ कर पेश करते हैं कि उनके सहयोगी दल चुनाव जीत जाएँ.

'मानक गिराए हैं'

रूपर्ट मर्डॉक के अब बहुत से आलोचक बन चुके हैं जिनका आरोप है कि मर्डॉक ने पत्रकारिता के मानक गिरा दिए हैं.

टेलीविज़न का ज़माना आया तो भी मर्डॉक सबसे आगे थे और उन्होंने सेटेलाइट टेलीविज़न के साथ शुरूआत की.

ब्रिटेन से निकलकर कई देशों में मर्डॉक ने अपना मीडिया साम्राज्य फैला लिया. हांगकांग स्थित स्टार टीवी को ख़रीदा तो पूरे एशिया के सेटेलाइट टेलीविज़न पर उनका दबदबा हो गया.

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Image caption 168 वर्ष पुराने न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड अख़बार को विवादों के बीच बंद करना पड़ा है.

भारत में स्टार टीवी समूह उसी का हिस्सा रहा है. भारत के टाटा स्काई में भी रूपर्ड मर्डॉक कंपनियों का बीस प्रतिशत हिस्सा है.

हार्पर कॉलिन्स भी इसी समूह का पुस्तक प्रकाशन समूह है. भारत में ये हॉर्पर कॉलिन्स इंडिया के नाम से पुस्तकें छापता है.

सरसरी नज़र डालें तो पाएंगे कि अनेक देशों में रूपर्ट मर्डॉक का जो कारोबार फैला है उसका कुल मूल्य लगभग 32 अरब डॉलर है.

ब्रिटेन में द टाइम्स, संडे टाइम्स, द सन, छापता है. एक अन्य अख़बार न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड हाल ही में बंद किया गया है जो पिछले क़रीब 168 वर्ष से छप रहा था.

अमरीका में वॉल स्ट्रीट जर्नल, न्यूयॉर्क पोस्ट, डाऊ जोन्स लोकल मीडिया ग्रुप, 7 न्यूज़ इनफ़ोर्मेशन सर्विसेज़ के मालिक मर्डॉक ही हैं.

अमरीका में फॉक्स टीवी समूह और स्काई इतालिया सहित अनेक टीवी कंपनियों कंपनियों का मालिकाना हक़ रूपर्ड मर्डॉक के पास ही है.

मशहूर नेशनल ज्यॉगराफ़िक चैनल और ब्रिटिश स्काइ ब्रॉडकस्टर यानी बी स्काई बी में भी रूपर्ट मर्डॉक की अच्छी ख़ासी साझेदारी है. इनके अलावा रूपर्ट मर्डॉक अनेक फ़िल्म कंपनियों के भी मालिक हैं.

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