लीबिया में विद्रोहियों को अमरीकी मान्यता

  • 16 जुलाई 2011
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Image caption इस्तंबुल बैठक लीबिया के मामले में निर्णायक साबित हो सकती है.

अमरीका ने लीबिया के विद्रोहियों को क़ानूनी तौर पर लीबिया का जायज़ शासक स्वीकार कर लिया है. अमरीका के इस फ़ैसले के बाद अमरीका में लीबिया सरकार की अरबों डॉलर की संपति अब विद्रोहियों को दी जा सकती है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने तुर्की की राजधानी इस्तंबुल में विदेशमंत्रियों की बैठक के बाद इसकी घोषणा की.

लीबिया संपर्क समूह के पश्चिमी और अरब सदस्य देश इस्तंबुल में बैठक कर लीबिया में युद्घस्थिति को ख़त्म करने के लिए एक योजना तैयार कर रहें हैं जिसे लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफ़ी को पेश किया जाएगा.

इस बारे में अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, ''अमरीका के नज़दीक़ कर्नल गद्दाफ़ी को लीबिया पर शासन करने का क़ानूनी अधिकार हासिल नहीं है. इसलिए आज मैं ऐलान कर रही हूँ कि जब तक लीबिया में एक अंतरिम सरकार का गठन नहीं हो जाता, अमरीका टीएनसी यानि ट्रांज़िशनल नेशनल काउंसिल को लीबिया का क़ानूनी शासक स्वीकार करेगा और हम उनसे उसी हवाले से पेश आएंगे.''

क्लिंटन ने ये भी कहा कि टीएनसी ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वे देश में लोकतांत्रिक सुधारों को लागू करने की कोशिश करेंगे जिसमें सभी भौगोलिक क्षेत्र और राजनैतिक विचारधारा के लोग शामिल होंगे.

'गद्दाफ़ी बेअसर'

इसतंबुल बैठक में शामिल विदेश मंत्रियों ने कहा कि लीबिया संपर्क समूह के तीस से भी अधिक अरब और पश्चिमी देशों ने विद्रोहियों को मान्यता देने के लिए अपनी सहमति दे दी है.

हालाकि लीबिया के राष्ट्रपित कर्नल गद्दाफ़ी ने इस फ़ैसले को मानने से इनकार कर दिया है.

ज़्लितान शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए गद्दाफ़ी ने कहा, ''उन स्वीकृतियों को अपने पैरों से कुचल दो, उनका कोई अर्थ नहीं है.''

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Image caption इस फ़ैसले से विद्रोहियों को विदेशों में रखे लीबियाई सरकार के अरबों डॉलर मिल सकते हैं.

संपर्क समूह के कई सद्स्यों ने तो व्यक्तिगत तौर पर लीबिया के विद्रोहियों को पहले ही मान्यता दे दी है.

इटली के विदेश मंत्री फ़्रैंको फ़्रैतिनी ने कहा कि इस फ़ैसले के बाद कर्नल गद्दाफ़ी के पास सत्ता छोड़ने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.

फ़्रैतिनी ने कहा कि लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अबदुल्लाह अल-ख़तीब संपर्क समूह के ज़रिए तैयार किए गए युद्घविराम प्रस्ताव को लीबियाई नेतृत्व के पास ले जाएंगें और उनसे बातचीत करेंगें.

उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक पैकेज एक राजनीतिक प्रस्ताव है जिसमें युद्घविराम भी शामिल है.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि किसी भी समझौते में गद्दफ़ी का सत्ता छोड़ना ज़रूर शामिल होना चाहिए.

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