'इसराइल पर रॉकेट हमले ना करने का आह्वान'

फ़लस्तीन (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption पिछले कुछ दिनों में फ़लस्तीन में हिंसा बढ़ी है.

ग़ज़ा में हमास के प्रधानमंत्री इस्माइल हानियाह ने सभी फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों से अपील की है कि वे इसराइल पर रॉकेट हमले ना करें,

पिछले सप्ताह हमास से अलग कुछ चरमपंथी संगठनों ने इसराइल पर रॉकेट हमले किए थे जिसके बाद क्षेत्र में हिंसा में बढ़ोत्तरी हो गई थी.

इसराइल ने पिछले कुछ दिनों में उस पूरे इलाक़े में कई हवाई हमले किए हैं.

बीबीसी के ग़ज़ा संवाददाता जॉन डॉनीसन के अनुसार पिछले सप्ताह हुई हिंसा ने कई महीनों से चल रही शांति को ख़त्म कर दिया है.

पिछले सप्ताह कुछ छोटे-छोटे फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने इसराइल पर कम से कम नौ रॉकेट दाग़ें.

ये संगठन ख़ुद को कभी कभी सलफ़ी जिहादी कहते हैं.

आश्चर्य की बात ये है कि ये सलफ़ी जिहादी संगठन ग़ज़ा पर शासन कर रहे हमास को काफ़ी संयत और नर्म दल का कहते हैं.

इसी हफ़ते इसराइल ने भी ग़ज़ा पर कई हमले किए जिसमें कम से कम एक फ़लस्तीनी की मौत हो गई और लगभग 15 फ़लस्तीनी घायल हो गए.

बढ़ती हुई हिंसा के मद्देनज़र ग़ज़ा के प्रधानमंत्री इस्माइल हानियाह ने इसे रोकने का आह्वान किया है.

प्रधानमंत्री ने बढ़ती हिंसा के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है लेकिन ये भी कहा कि ग़ज़ा में सक्रिय सभी चरमपंथी संगठनों को भी हमले रोकने होंगे.

इस्माइल हानियाह के इस बयान से इस बात का भी पता चल जाएगा कि ग़ज़ा में हमास को कितना समर्थन हासिल है.

हमास और इन सलफ़ी जिहादी गुटों के संबंध अच्छे नहीं रहें हैं. अप्रैल के महीने में ग़ज़ा में सक्रिय सभी चरमपंथी गुटों ने अनौपचारिक तौर पर फ़ैसला किया था कि वे इसराइल पर हमले नहीं करेंगे.

लेकिन सलफ़ी जिहादियों ने उस पर दस्तख़्त नहीं किए थे.

इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा में हमास की सत्ता होने के कारण वहां से इसराइल पर हुए सभी हमलों के लिए हमास ज़िम्मेदार है.

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