घर सिर्फ़ बत्तीस हज़ार रुपए में?

  • 16 जुलाई 2011
रतन टाटा
Image caption रतन टाटा की कंपनी ने सस्ती कार के बाद सस्ते घर बनाने का ऐलान किया है.

टाटा ग्रुप ने एक लाख रुपए की कार उतार कर बाज़ार में सनसनी मचा दी थी. अब सिर्फ़ 32 हज़ार रुपए में घर देने का वादा करके उसने दुनिया भर में सुर्ख़ियाँ बटोर ली हैं.

टाटा स्टील ग्रुप के एक अधिकारी सुमितेश दास का कहना है कि सिर्फ़ सात दिन में ये मकान बन कर तैयार किया जा सकता है.

लेकिन पेंच ये है कि इस घर को बनाने के लिए आपके पास अपनी ज़मीन होनी चाहिए.

ऐसे घर की एक और सीमा होगी – इसे सिर्फ़ 20 साल तक ही इस्तेमाल में लाया जा सकेगा.

टाटा के अधिकारी सुमितेश दास के मुताबिक़ सबसे सस्ते फ़्लैट के लिए 20 वर्ग मीटर ज़मीन होनी चाहिए.

यानी आप तभी इस घर का इस्तेमाल कर सकेंगे जब इसे रखने के लिए आपसे पास ज़मीन होगी.

देहातों में आवास

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Image caption टाटा ने आम आदमी के लिए सस्ता कार का वादा किया था.

टाटा कंपनी पहले से बनी हुई छत, खिड़कियाँ, दीवारें आदि एक पैक में देगी. मकान बनाने वाले को ये सब चीज़ें एक साथ जोड़नी भर होंगी.

कंपनी ने हिंदुस्तान के देहाती इलाक़ों को ध्यान में रखते हुए ये घर बनाए हैं.

सुमितेश दास ने पत्रकारों को बताया कि विभिन्न पंचायतों से बातचीत करके इस साल के अंत तक पूरी परियोजना का ख़ाका तैयार कर लिया जाएगा.

भारत में आवासीय मकानों की भारी कमी है. ख़ास तौर पर देहाती इलाक़ों में इनकी बहुत ज़रूरत है.

लेकिन ऐसा नहीं है कि शहरों में आवास की समस्या सुलझा ली गई है.

शहरों की मलिन बस्तियों या झुग्गी झोपड़ी कॉलोनियों की जगह टाटा के मकान काफ़ी राहत दे सकते हैं, बशर्ते ये प्रयोग सफल हो जाए.

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