मिस्र में कैबिनेट फेरबदल

इमेज कॉपीरइट
Image caption मिस्र में विरोध प्रदर्शनों का दौर थमा नहीं है.

मिस्र में राजनीतिक सुधारों की धीमी प्रगति के विरोध में जारी प्रदर्शनों के बीच देश के प्रधानमंत्री इशाम शराफ ने मंत्रिमंडल में बदलाव किए हैं.

मिस्र में विदेश मंत्रि मोहम्मद अल ओराबी ने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है जबकि दो नए उप प्रधानमंत्रियों की नियुक्ति की गई है.

तहरीर चौक पर जमा प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के कार्यकाल के समय के भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

तहरीर चौराहे पर प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे मिस्र की सेना के एक जनरल का लोगों ने कड़ा विरोध भी किया.

नए विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में फेरबदल करना शुरु कर दिया है.

आधिकारिक मीडिया का कहना है कि फेरबदल में कम से कम 15 मंत्रियों को हटाया जा सकता है. माना जाता है कि कैबिनेट में अभी भी कई ऐसे मंत्री हैं जिनका संबंध मुबारक से रहा है.

विदेश मंत्री ओराबी ऐसे ही एक मंत्री हैं जिन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.

सरकारी एजेंसी मीना का कहना है कि ओराबी ने इस्तीफ़ा दे दिया है ताकि कैबिनेट के फेरबदल में प्रधानमंत्री को परेशानी न हो.

प्रधानमंत्री शराफ एक कार्यवाहक प्रशासन चला रहे हैं और उनके पास सीमित ताकते हैं. हालांकि उन्होंने दो नए उप प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिए हैं.

ये दोनों उपप्रधानमंत्री हैं 74 वर्षीय हाज़ेम अल बेबलावी और 75 वर्षीय अली अल सिलमी जो मिस्र की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी वफ्द के प्रमुख हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार कैबिनेट में फेरबदल को लागू किए जाने में एक हफ्ते का समय लगेगा क्योंकि प्रधानमंत्री शराफ को सैन्य काउंसिल के साथ विचार विमर्श भी करना होगा.

इस समय मिस्र में सैन्य काउंसिल का शासन है जिसका गठन मुबारक के सत्ता छोड़ने के बाद किया गया था. पिछले कुछ समय में लोग सैन्य काउंसिल के फैसलों से भी अधीर हो गए हैं.

संबंधित समाचार