लीबिया नहीं छोड़ूँगा: गद्दाफ़ी

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लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि लीबिया उनके पूर्वजों की धरती है और वे इसे कभी नहीं छोड़ेंगे.

उन्होंने ये बात ज़ाविया में लाउडस्पीकर के ज़रिए भाषण में कही. लीबिया में विद्रोह के शुरुआती दौर में ज़ाविया पर विद्रोहियों का नियंत्रण था लेकिन संघर्ष के बाद लीबियाई सेना ने इसे अपने कब्ज़े में ले लिया था.

उधर राजधानी त्रिपोली में 30 बड़े धमाके और लड़ाकू विमानों की आवाज़ सुनी गई. ये स्पष्ट नहीं है कि हमला किसे निशाना बनाकर किया गया.

इस बीच शनिवार को अमरीका ने लीबिया के विद्रोहियों को क़ानूनी तौर पर लीबिया का जायज़ शासक स्वीकार कर लिया.

इस फ़ैसले के बाद अमरीका में लीबिया सरकार की अरबों डॉलर की संपति अब विद्रोहियों को दी जा सकती है.

लीबिया में विद्रोह की शुरुआत फ़रवरी में कर्नल गद्दाफ़ी के शासन के विरोध से शुरु हुई थी जो बात में विद्रोहियों और लीबियाई सैनिकों के बीच संघर्ष में बदल गया.

इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी कर चुकी है.

अदालत ने उन पर मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों और फ़रवरी में उठे जनविद्रोह को कुचलने के लिए नागरिकों पर हमले करने के आरोप लगाए हैं.

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