अमरीका-लीबिया अधिकारियों की गुप्त बातचीत

इब्राहिम मूसा (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption लीबिया ने गुप्त बातचीत की पुष्टि कर दी है लेकिन अमरीका इसे विधिवत बातचीत नहीं मान रही है.

एक तरफ़ लीबिया में नैटो सेना की कार्रवाई जारी है तो दूसरी तरफ़ लीबिया और अमरीका में गुप्त बातचीत की भी ख़बरें आ रही हैं.

इस सिलसिले में अमरीका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने लीबिया के राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफ़ी के प्रतिनिधियों से पिछले हफ़्ते एक गुप्त स्थान पर बातचीत की है.

बीबीसी के पास भी इस बात की पक्की जानकारी है कि शनिवार को अमरीकी अधिकारियों ने गद्दफ़ी के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की थी.

अमरीकी विदेश मंत्रालय और लीबिया दोनों ने इसकी पुष्टि कर दी है.

लीबिया के अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत ट्यूनिशिया में हुई थी.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मुलाक़ात की बात तो मानी लेकिन इसे विधिवत बातचीत कहने से इनकार कर दिया.

'सख़्त संदेश'

अमरीकी प्रवक्ता के अनुसार इस मुलाक़ात का मक़सद सिर्फ़ कर्नल गद्दाफ़ी को ये संदेश देना था कि कर्नल गद्दाफ़ी के पास सत्ता छोड़ने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.

लेकिन जब ये पूछा गया कि क्या कर्नल गद्दाफ़ी लीबिया में रह सकते हैं, इसके जवाब में अमरीकी अधिकारी ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

अभी फ़िलहाल ये निश्चित नहीं हो पाया है कि दोनों में से मुलाक़ात की पहल किसने की थी.

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में सरकार के एक प्रवक्ता इब्राहिम मूसा ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की दिशा में ये बातचीत पहला क़दम था.

लेकिन अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि आगे बातचीत जारी रखने का उनका कोई इरादा नहीं है.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार अमरीका जो संदेश देना चाहता था वह लीबिया को दिया जा चुका है.

अमरीका की तरफ़ से बातचीत करने वालों में लीबिया में अमरीका के पूर्व राजदूत जीन क्रेट्ज़ और अमरीकी विदेश मंत्रालय में पूर्वी मामलों के अधिकारी जेफॉरी फ़ेल्टमैन शामिल थे.

लेकिन लीबिया की तरफ़ से किसने बातचीत की इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है.

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