मर्केल-सारकोज़ी में सहमति

Image caption एंगेला मर्केल चाहती हैं कि ग्रीस अगर अपने कर्ज़ के ढांचे में बदलाव लाता है तो निजी निवेशक करदाताओं के भार को बांटें

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी के बीच यूरोपीय ऋण संकट के हल के लिए राहत पैकेज दिए जाने पर सहमति बन गई है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों नेता बर्लिन में सात घंटे तक चली बैठक के बाद राहत पैकेज के स्वरूप को लेकर सहमत हुए.

एंगेला मर्केल और निकोला सारकोज़ी के बीच हुई बातचीत ग्रीस के ऋण संकट को लेकर यूरोज़ोन नेताओं की गुरुवार को होनेवाली बैठक से पहले हुई है. गुरुवार की बैठक में इस बात पर भी चर्चा होनी है कि ग्रीस के संकट को अन्य यूरोपीय देशों में फैलने से कैसे रोका जाए.

हालांकि दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति का पूरा ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है.

एंगेला मर्केल की प्रवक्ता के मुताबिक़ यूरोपीय केंद्रीय बैंक 'ईसीबी' के अध्यक्ष जीन क्लाउड ट्रिचेट ने भी मर्केल-सारकोज़ी के बीच हुई मुलाक़ात में शामिल थे.

जर्मनी ने पहले कहा था कि ग्रीस के कर्ज़दाताओं पर इस बात के लिए दबाव डाला जाना चाहिए कि वो अपने नुक़सान को एथेंस को आगे दिए जानेवाले राहत पैकेज के हिस्से के रूप में ही स्वीकार करें.

लेकिन फ़्रांस और यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने इसका विरोध किया था.

उन्हें डर था कि इससे पूरे यूरोप में बैंकिंग संकट पैदा हो सकता है, स्पेन और संभवत: इटली इसकी चपेट में आ सकते हैं, यहां तक कि 'ईसीबी' की ऋण चुकाने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.

अहम बैठक

ग्रीस में ऋण संकट का मसला हल करने के लिए यूरो मुद्रा वाले देशों के नेताओं की एक अहम बैठक गुरुवार को होने जा रही है.

नेताओं के बीच ग्रीस को नए लोन पैकेज और इस मामले में निजी निवेशकों की भूमिका पर चर्चा होगी.

ख़बरों के अनुसार बैंकों पर नए टैक्स को लेकर भी बहस हो सकती है. मगर जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने चेतावनी दी है कि इस एक बैठक से उम्मीद के मुताबिक़ सफलता मिलना आसान नहीं होगा.

ग्रीस को पिछले साल मई में पहला सहायता पैकेज मिला था मगर उसके बावजूद वहाँ का ऋण संकट हल नहीं हुआ और दुनिया भर के बाज़ारों में अब भी भरोसा नहीं लौटा है.

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यूरो का भविष्य ही इससे ख़तरे में पड़ सकता है. अब राजनेता और निवेशक मिलकर इस संकट को ख़त्म करने के लिए निर्णायक क़दम उठाने पर जो़र दे रहे हैं.

व्यापक प्रभाव

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Image caption एंगेला मर्केल ने चेतावनी दी है कि बैठक से बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं लगाई जा सकती

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोज़े मैनुएल बरोसो ने बुधवार को कहा, "इस बात को लेकर किसी के मन में कोई शंका नहीं रहनी चाहिए कि स्थिति बेहद गंभीर है. इस पर कार्रवाई करनी होगी वरना नकारात्मक परिणाम यूरोप और उसके बाहर तक महसूस होंगे."

बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर सर मर्विन किंग का कहना है कि यूरोज़ोन के संकट से ब्रिटेन के वित्तीय तंत्र को काफ़ी गंभीर ख़तरा है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी मर्केल को इस बारे में मंगलवार को फ़ोन करके ऋण संकट से निबटने की ज़रूरत पर बल दिया.

वैसे नीतिनिर्धारकों में इस बात को लेकर मतभेद है कि संकट का हल निकाला कैसे जाए.

इस बात पर तो आम सहमति है कि लगभग 110 अरब यूरो के लगभग नया लोन समझौता लाया जाए मगर चिंता इसे लेकर है कि कहीं ये सिर्फ़ ऊपर से रंगाई पुताई जैसा ही नहीं हो जाए और ग्रीस की ऋण का अंदरूनी दिक़्क़त उसमें छुप जाए.

ये बैठक ब्रसेल्स में स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद एक बजे शुरू होगी.

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