इतिहास के पन्नों से

इतिहास के पन्नों को पलट का देखें तो 22 जुलाई, 2003 को सद्दाम हुसैन के बेटों की अमरीकी सैनिकों से लड़ाई में मौत हुई थी. इसी दिन साल 1977 में चीन में सुधारवादी नेता देंग ज़ियाओपिंग की सत्ता में वापसी हुई थी.

2003 : सद्दाम हुसैन के बेटों की लड़ाई में मौत

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption सद्दाम के दोनों बेटे उदय और कुसय अमरीका की सर्वाधिक वांछित सूची में दूसरे और तीसरे नंबर पर थे

इसी दिन अमरीका ने घोषणा की थी कि इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के दो बेटों उदय और क़ुसय हुसैन को अमरीकी सैनिकों ने मार डाला है. तफ़सील में बताया गया कि क़रीब 200 अमरीकी सैनिकों ने हैलीकॉप्टरों के साथ मोसुल शहर के एक मकान पर छापा मारा जहाँ यह दोनों भाई मौजूद थे.

मोसुल के इस मकान के पास लड़ाई करीब चार घंटे चली. यह दोनों भाई सद्दाम हुसैन की सरकार में अतिमहत्वपूर्ण थे. इनकी मौत के बाद ये कयास लगने लगे की यह दोनों भाई दरअसल मारे ही नहीं गए.

काफ़ी बहस के बाद अमरीका ने 24 जुलाई को इन दोनों भाइयों के शवों की तस्वीरों को जारी किया और 25 जुलाई को टेलिविज़न के लिए इनकी शूटिंग की अनुमति दी गई.

इस अमरीकी कार्रवाई में क़ुसय हुसैन का 14 साल का बेटा मुस्तफ़ा भी मारा गया. ऐसा माना जाता था कि 36 साल उम्र के क़ुसय अपने पिता के उत्तराधिकारी होंगे. उनके बड़े उदय जो कि 39 साल के थे देश के संचार माध्यमों को चलाते थे और उनके बारे में ऐसा कहा जाता था कि वो बड़े क्रूर थे.

ये दोनों भाई करीब तीन महीने पहले अपने पिता के शासन के पतन के बाद से ही फ़रार थे. इन दोनों के सर पर अमरीका ने करीब एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित कर रखा था. इस इनाम की वजह से ही अमरीका को इन दोनों भाइयों के बारे में मुख़बिर से सूचना मिली थी.

आखिरकार इन दोनों के पिता सद्दाम हुसैन को दिसंबर 2003 गिरफ़्तार कर लिया गया.

1977 : चीन में देंग ज़ियाओपिंग की सत्ता में वापसी

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption देंग ज़ियाओपिंग चीन में आर्थिक सुधारों के पिता माने जाते हैं

अतिवामपंथियों के दबाव में सत्ता से हटा दिए गए चीन के उप प्रधानमंत्री देंग ज़ियाओपिंग इसी रोज़ अपने पद पर वापस लौटे थे.

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें राष्ट्रिय परिषद, सैन्य कमीशन सहित देश में अतिमहत्व के सभी पदों पर पुनर्स्थापित कर दिया.

ज़ियाओपिंग को 'गैंग ऑफ़ फोर' के नाम से पहचाने जाने वाले एक अति वामपंथी गुट के दबाव के चलते सत्ता से हटा दिया था. ज़ियाओपिंग को इस गुट ने बीते अप्रेल में थियानमन चौक पर जन आंदोलनों के लिए दोषी ठहराया था.

बीते सितंबर में चीन के सर्वोच्च नेता माओ त्से तुंग की मृत्यु के बाद इस 'गैंग ऑफ़ फोर' ने क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की कोशिश की थी. इस गैंग ऑफ़ फोर में माओ की चौथी पत्नी ज़ांग क्विंग, पूर्व उप राष्ट्रपति और केंद्रीय समिति के सदस्य जैंग चुन्कियो, एक श्रमिक नेता वेंग होंगवेन और बुद्धिजीवी याओ वेन्युआन शामिल थे.

सत्ता में वापसी के बाद देंग ज़ियाओपिंग ने बहुत बड़े पैमाने पर सुधार के कार्यक्रम शुरू किए तथा कृषि, उद्योग, राष्ट्रिय सुरक्षा व विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्रों में चीन को आगे ले जाने लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएँ शुरू कीं.

देंग ही वो नेता थे जिन्होंने चीन को मुक्त व्यापार की राह पर आगे बढ़ाया और इसके उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के लिए तैयार किया.