एजेंट मामले पर भड़का पाकिस्तान

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Image caption पाकिस्तान ने अमरीका पर उसके ख़िलाफ़ अपमानजनक अभियान चलाने का आरोप लगाया है.

पाकिस्तान ने अमरीका पर उसके ख़िलाफ़ अपमानजनक अभियान चलाने का आरोप लगाया है.

अमरीका में कश्मीरी लॉबिस्ट सैयद ग़ुलाम नबी फ़ाई की गिरफ़्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने ये आरोप लगाया है.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई ने मंगलवार को फ़ाई को ग़िरफ़्तार किया था. फ़ाई पर ये आरोप है कि उन्होंने बिना किसी पंजीकरण के ग़ैर क़ानूनी रूप से लॉबिंग की.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "डॉक्टर फ़ाई अमरीकी नागरिक हैं. हमने इस्लामाबाद स्थिति अमरीकी दूतावास में अपनी आपत्ति दर्ज की है. ख़ासकर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपमानजनक अभियान पर."

नाराज़गी

बयान में कहा गया है कि कश्मीरियों के मूलभूत अधिकारों की बात करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय और उन विवेकशील लोगों की मूलभूत ज़िम्मेदारी है, जो मानवाधिकार की क़द्र करते हैं.

पाकिस्तान का ये भी कहना है कि कश्मीरी लोगों के आंदोलन को अपमानित करने का अभियान इसकी सच्चाई को प्रभावित नहीं कर सकता.

हालाँकि पाकिस्तान ने आईएसआई की ओर से फ़ाई को मिलने वाले पैसे के एफ़बीआई के आरोपों के बारे में कुछ नहीं कहा है.

अमरीकी अधिकारियों का आरोप है कि फ़ाई को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से पैसे मिलते थे और फ़ाई ने अमरीका की कश्मीर नीति को प्रभावित करने के लिए आईएसआई से मिले लाखों डॉलर्स का इस्तेमाल किया.

हालाँकि फ़ाई किसी तरह के ग़लत काम से इनकार करते हैं. 62 वर्षीय फ़ाई अमरीकी नागरिक हैं और वे कश्मीर अमरीकी सेंटर के कार्यकारी निदेशक हैं.

फ़ाई पर आरोप है कि इस संस्था के माध्यम से उन्होंने कश्मीर के लिए लॉबिंग की, सेमिनार आयोजित कराए, अख़बारों में लेख लिखे और अमरीकी नेताओं से बैठकें कीं.

फ़ाई के साथ 62 वर्षीय अमरीकी नागरिक ज़हीर अहमद को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है. दोषी पाए जाने पर दोनों को पाँच साल तक क़ैद की सज़ा हो सकती है.

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