नॉर्वे का संदिग्ध हमलावर

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Image caption आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है

नॉर्वे में शुक्रवार को हुए दो हमलों के लिए संदिग्ध हमलावर आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक को गिरफ़्तार किया है.

32 वर्षीय इस युवक के बारे में कहा जा रहा है कि वह दक्षिणपंथी विचारधारा का है.

पुलिस प्रमुख स्वेनंग स्पॉनहेम के अनुसार, "इस युवक ने इंटरनेट पर जो कुछ लिखा है उससे लगता है कि उसका राजनीतिक रुझान दक्षिणपंथी है और वह मुस्लिम विरोधी विचारों वाला है."

लेकिन उनका कहना है कि अभी ये देखना होगा कि क्या यही इस हमले की वजह थी या इसके पीछे कुछ और है.

आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक सोशल नेटवर्किंग साइटों जैसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर संदेश लिखता रहा है. हालांकि ये एकाउंट हाल ही में 17 जुलाई को बनाए गए थे.

अपने फ़ेसबुक पर उसने अपने आपको ईसाई और परंपरावादी बताया है.

हालांकि ये फ़ेसबुक अब उपलब्ध नहीं है लेकिन इसमें कहा गया था कि उसे बॉडीबिल्डिंग का शौक है और उसे फ़्रीमैसन संस्था में दिलचस्पी है.

उसके ट्विटर एकाउंट पर सिर्फ़ एक ही संदेश है.

इस संदेश में दर्शनशास्त्री जॉन स्टुअर्ट मिल की एक उक्ति लिखी है, "सिर्फ़ अपने हितों की चिंता करने वाले एक लाख लोगों की फ़ौज से एक वह व्यक्ति अच्छा है जिसके पास दृढ़विश्वास है."

दिसंबर, 2009 को नॉर्वे के एक ऑनलाइन फ़ोरम में आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक के नाम से डाले गए एक पोस्ट में कहा गया है कि दुनिया में एक भी ऐसा देश नहीं है जहाँ मुस्लिम किसी ग़ैर मुस्लिम के साथ शांतिपूर्वक रह रहे हों. इसमें कहा गया है कि ग़ैर मुस्लिम के लिए इसके परिणाण विनाशकारी होते हैं.

खाद से बना बम?

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Image caption शुक्रवार को हुए विस्फोट से कम से कम सात लोग मारे गए हैं

उटोइया द्वीप पर जहाँ एक बंदूकधारी ने गोलीबारी की, वहाँ एक प्रत्यक्षदर्शी ने हमलावर के हुलिए का वर्णन करते हुए बताया कि वह पुलिस की वर्दी में था.

उसकी जो तस्वीर फ़ेसबुक पर डाली गई है, उसमें वह सुनहरे बालों और नीली आँखों वाला व्यक्ति दिखाई देता है.

नॉर्वे के अख़बार वेर्डन्स गैंग ने आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक के एक मित्र के हवाले से कहा है कि जब वह तीस की उम्र के क़रीब पहुँच रहा होगा.

ऐसा प्रतीत होता है कि साधारण राष्ट्रीय सेवा में रहने के अलावा उसका कोई सैन्य अनुभव नहीं है और न ही उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड है.

माना जा रहा है कि आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक ओस्लो में ही पला बढ़ा है और ओस्लो स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में पढ़ाई की है, जहाँ स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री की पढ़ाई होती है.

बाद में वह ओस्लो से बाहर चला गया और ब्रिविक जियोफ़ार्म नाम की एक कंपनी बनाई.

नॉर्वे की मीडिया का कहना है कि मालिकाना हक़ वाली एक कंपनी थी जो सब्ज़ियाँ, तरबूज, शकरकंद और कंद उगाने का काम करती थी.

आपूर्ति करने वाली एक कंपनी ने कहा है कि उसने ब्रिविक जियोफ़ार्म को छह टन खाद की आपूर्ति की थी, संभवतया जिसका उपयोग बम बनाने के लिए किया गया.

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