'जो किया वो वीभत्स लेकिन ज़रुरी था'

  • 24 जुलाई 2011
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Image caption नार्वे के राजा ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

नॉर्वे में शुक्रवार को हुए हमलों के लिए ज़िम्मेदार बताए गए आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक के वकील का कहना है कि उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी क़बूल कर ली है और कहा है कि उनका कृत्य वीभत्स था लेकिन ये ज़रूरी था.

राजधानी ओस्लो से 35 किलोमीटर दूर उटोया द्वीप पर सत्ताधारी लेबर पार्टी के एक युवा शिविर पर आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक की गोलीबारी में 85 लोगों की मौत हो गई थी.

उसके पहले ओस्लो में प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने हुए एक धमाके में सात लोगों की मौत हो गई थी.

उटोयो की घटना के लगभग 36 घंटे बीत जाने के बाद भी बहुत से लोग लापता बताए जा रहे हैं.

कौन है आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक

ऐसा समझा जा रहा है कि गोलियों की बौछार से बचने के लिए बहुत से लोगों ने द्वीप से तैरकर निकलने की कोशिश की होगी और ड़ूब गए होंगे.

आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक के वकील गेर लिपेस्टाड का कहना है कि वो अपने कृत्य पर सोमवार को अदालत में बयान देने को तैयार हैं.

खाद की ख़रीदारी

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Image caption हमलावर ऐंड्रिग का कहना है कि उसने जो किया वो ज़रुरी था.

घटना में हो रही जांच में ये बात सामने आई है कि आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक ने उटोया हमले के बाद आसानी से ग़िरफ़्तारी दे दी थी.

लेकिन जांच दल ये भी पता करने की कोशिश कर रहा है कि ओस्लो में हुई गोलीबारी के पहले जो धमाके हुए थे उसमें किस तरह के विस्फ़ोटक और तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था.

पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यालय के बाहर खड़े एक ट्रक में बम रखे गए थे.

कृषि के सामानों की सप्लाई करनेवाली एक दुकान का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इत्तिला दे दी थी कि आंद्रे बेहरिंग ब्रिविक ने हाल में ही छह टन उर्वरक ख़रीदे थे जिनका इस्तेमाल बम बनाने के लिए भी किया जा सकता है.

इस बीच ब्रिविक को लेकर बहुत सारी जानकारियां सामने आ रही हैं कि उसका ताल्लुक़ एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल से था, वो कट्टरपंथी ईसाई वेबसाइटों पर लेख लिखता था और वो मुस्लिम विरोधी विचार रखता था और उसने हाल में ही एक फ़ार्म हाउस किराए पर लिया था जहां उसने खाद ख़रीदकर जमा किए थे.

संवेदना

नॉर्वे के प्रधानमंत्री येन्स स्टोल्टेनबर्ग ने नॉर्वे के राजा के साथ पीड़ितों के परिवारों से मिलकर संवेदना प्रकट की है और साथ ही चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

राजधानी ओस्लो और उटोया द्वीप पर सुरक्षा काफ़ी कड़ी कर दी गई है.

पुलिस को द्वीप के आस-पास ज़मीन और पानी में कई हताहत मिले हैं.

नॉर्वे के प्रधानमंत्री येन्स स्टोलटेनबर्ग ने इन हमलों को 'एक बेहद बुरा स्वप्न बताया है'.

ओस्लो में हुए धमाके के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस हमले में कई सरकारी अधिकारियों की मौत हो गई है जिनमें कुछ उनके जानने वाले भी थे.

उन्होंने कहा कि नॉर्वे का समाज वैचारिक रुप से उदार है और इस तरह के हमले समाज के इस प्रारुप को बदल नहीं पाएंगे.

उन्होंने साथ ही कहा है कि अभी हमलों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री स्टोल्टेनबर्ग ने कहा,"दूसरे देशों की तुलना में मैं ये नहीं कहूँगा कि नॉर्वे में दक्षिणपंथी अतिवादियों की समस्या एक बड़ी समस्या रही है. मगर हमारे यहाँ ऐसे गुट हैं, हमने पहले भी उनपर नज़र रखी है. मगर मैं कहना चाहूँगा कि अभी हम कुछ भी अटकलें नहीं लगाएँगे, हम इन हमलों के बारे में कुछ कहने से पहले पुलिस जाँच के पूरी होने की प्रतीक्षा करेंगे."

हमलावर

उटोया द्वीप पर हुए हमले को देखनेवाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि हमलावर ने पुलिस वर्दी पहनी हुई थी और उसने बिना कुछ सोचे हुए लोगों पर गोली चलानी शुरू कर दी.

युवा शिविर में भाग ले रही एक युवती हाना बारज़िंगी ने कहा, "वो लोगों की ओर आया, फिर कहा सब लोग साथ आ जाओ, तो लोग उसकी तरफ़ दौड़े और उसने गोली चलानी शुरू कर दी. वो बस सबको मार रहा था, ये एक डरावने सपने की तरह था."

लेबर पार्टी के शिविर के लिए गईं एक सांसद स्टाइन रेनेट हेहेइम को भी जान बचाने के लिए भागना पड़ा.

उन्होंने बताया,"हम इमारत के भीतर थे, पहले हमें कुछ दिखाई नहीं दिया, हमें केवल गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी, हम मुख्य इमारत में थे, लोग भागने लगे, तो हम भी बाहर निकले, फिर किसी ने कहा, पुलिस आ गई है, अब हम सुरक्षित हैं, और तब मैंने पुलिस वर्दी में एक आदमी को देखा जो लोगों की ओर आ रहा था, और उसने गोली चलानी शुरू कर दी, तब मैं जिनलोगों के साथ थी उनके साथ उल्टे पाँव भागे, जैसे ही हमने कुछ नावों को देखा हम पानी में कूद गए और तैरते रहे."

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