मृतकों की याद में प्रार्थना सभाएं

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Image caption ओस्लो में गिरजाघर के बाहर मृतकों की याद में मोमबत्तियां जलाई गईं

नॉर्वे ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से पहली बार ऐसी त्रासदी देखी है और अब भी लोग सकते में हैं.

पूरे देश के गिरजाघरों में मारे गए लोगों की याद में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं.

आमतौर पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित समझे जाने वाले समाज को इन हमलों ने हिला कर रख दिया है और लोग इस पूरे घटनाक्रम की नृशंसता को समझने और उसपर विचार करने की कोशिश कर रहे हैं.

नौर्वे की सरकार के सदस्यों और राजपरिवार ने ऑस्लो के केथीड्रल में एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया.

प्रार्थना सभा शुरु करते हुए बिशप ओले क्रिस्चियन क्यार्मे ने कहा,"हम लोग शोकाकुल हैं. आज हम अपना दुख इस प्रार्थना सभा में लेकर आए हैं और इस दुख के बीच हम आशा की किरण ढूंढ रहे हैं".

"हम यहां उन लोगों को याद करने एकत्र हुए हैं जो मारे गए, घायल हुए और जिन्होने इस जन संहार को देखा और सदमे में हैं. ये प्रार्थना सभा परिवारों और मित्रों के लिए हो रही है. हम यहां अपने देश, देश के नागरिकों और सरकार के लिए प्रार्थना करने एकत्र हुए हैं".

नौर्वे के प्रधानमंत्री यैन्स स्टॉल्टनबर्ग ने कहा कि इस त्रासदी से लोकतंत्र और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर डटे रहने का संकल्प और मज़बूत हुआ है.

उन्होने कहा, "इस त्रासदी के बीच मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं एक ऐसे देश में रहता हूं जहां के लोग इस कठिन घड़ी में एक साथ खड़े हैं. लोगों ने जो दृढ़ता दिखाई है और एक दूसरे के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है मैं उससे बहुत प्रभावित हुआ हूं".

"हम एक छोटे से देश के निवासी हैं लेकिन हम बड़े स्वाभिमानी लोग हैं. हमें इन हमलों ने हिलाकर रख दिया है लेकिन हम अपने मूल्यों को नहीं छोड़ेंगे. हमारा जवाब है अधिक लोकतंत्र, अधिक खुलापन और अधिक मानवीयता".

जनसंहार

पुलिस ने बताया कि राजधानी ऑस्लो में हुए कार बम हमले और वहां से 35 किलोमीटर दूर उटोया द्वीप पर सत्ताधारी लेबर पार्टी के एक युवा शिविर पर की गई गोलीबारी के लिए ऐंडर्स बेरिंग ब्रेविक पर अभियोग लगाया गया है.

ओस्लो में प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने हुए कार बम धमाके में सात लोगों की मौत हो गई थी. जबकि उटोयो में 85 लोग मारे गए थे.

द्वीप के आस पास रैड क्रॉस और अन्य आपात सेवाएं लापता लोगों की खोज में लगी हैं. पांच लोग लापता बताए जाते हैं लेकिन उनके जीवित होने की उम्मीद नहीं है.

पुलिस छोटी पन्डुब्बियों की मदद से झील में उनकी तलाश कर रही है.

अदालत में पेशी

ऐंडर्स ने पुलिस को बताया है कि वो अकेले ही इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार हैं लेकिन पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इनमें किसी और का भी हाथ था.

ऐंडर्स ने हमलों की ज़िम्मेदारी भले ही ली हो लेकिन उनका कहना है कि उन्होने कोई अपराध नहीं किया.

ऐंडर्स के वकील का कहना है कि वो सोमवार को अदालत के सामने बताएंगे कि उन्होने ऐसा क्यों किया.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि सोमवार को ऐंडर्स अदालत के सामने पेश होंगे.

उन्होने कहा, "ऐंडर्स से सोमवार को पूछताछ की जाएगी और सुनवाई होगी. उन्होने कहा है कि वो इसमें उपस्थित होना चाहेंगे. वो हिरासत में हैं और हमारी जांच और पूछताछ चल रही है".

आज पुलिस ने इन हमलों के संबंध में ऑस्लो में कई जगह छापे मारे और कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया लेकिन बाद में उन्हे छोड़ दिया गया.

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