नेटो बलों ने 35 पाकिस्तानी तालिबान मारे

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Image caption पाकिस्तान पर अमरीका का दबाव है कि वो सीमा पार से घुसपैठ रोके

अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नेटो बलों के एक हमले में कम से कम 35 पाकिस्तानी तालिबान मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.

समझा जाता है कि ये चरमपंथी नेटो बलों पर हमला करने के उद्देश्य से सीमा पार करके अफ़ग़ानिस्तान के पक्तिया प्रांत में घुसे थे.

सप्ताहांत में हुए इस हमले से सीमा पार से आने वाले चरमपंथियों को गहरा धक्का पहुंचा है जो अफ़ग़ानिस्तान में विद्रोह को भड़काते रहते हैं.

पाकिस्तान के क़बाइली वज़ीरिस्तान इलाक़े के सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि बहुत से घायलों को पाकिस्तान ले आया गया है.

कुछ का उत्तरी वज़ीरिस्तान के मीरानशाह शहर में इलाज हो रहा है.

ये भी कोशिश की जा रही है कि मारे गए चरमपंथियों के शव वापस लाए जाएं जिससे उनको दफ़नाया जा सके.

हाल के महीनों में पाकिस्तान पर अमरीका का दबाव बढ़ा है कि वो अपने क़बाइली इलाक़े से चरमपंथियों को सीमा पार करके अफ़ग़ानिस्तान जाने से रोके.

जुलाई के आरंभ में अमरीका ने कहा था कि वो पाकिस्तान की सैन्य सहायता में 80 करोड़ डॉलर की कटौती कर रहा है.

ख़तरनाक गुट

ऐसी ख़बरें हैं कि अधिकतर हताहत वज़ीरिस्तान के दो प्रमुख क़बाइली लड़ाकू नेता हफ़ीज़ गुल बहादुर और मुल्लाह नज़ीर के गुटों के हैं.

ये दोनों ही गुट अफ़ग़ानिस्तान में नेटो बलों को निशाना बनाते रहते हैं.

नेटो ने अपने एक बयान में कहा है कि उन्हे लगता है कि इन चरमपंथियों को हक्कानी गुट ने अफ़ग़ानिस्तान पहुंचाया.

हक्कानी गुट को अमरीका में बहुत ही ख़तरनाक चरमपंथी गुट समझा जाता है.

सीमा पार से ये विद्रोही घुसपैठ ऐसे समय हुई है जब अमरीका और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव चल रहा है.

संवाददाताओं का कहना है कि पाकिस्तानी सेना बड़ी असमंजस की स्थिति में है.

एक तरफ़ उसपर अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान का दबाव है कि वो सीमा पर होने वाली घुसपैठ को रोके और दूसरी तरफ़ उसे अफ़ग़ानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का भी आदर करना है.

पिछले महीने पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के इन दावों को ख़ारिज कर दिया था कि पाकिस्तान से 450 रॉकेट अफ़ग़ानिस्तान में दाग़े गए.

हाल में पाकिस्तान ने भी शिकायत की है कि कई चरमपंथी सीमा पार करके पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाक़े में घुस आए हैं.

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