'35 लाख लोग मर सकते हैं भूख से'

  • 26 जुलाई 2011
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Image caption दक्षिणी सोमालिया से हज़ारों लोग सूखे के कारण मोगादिशु की ओर आ रहे हैं

संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि सोमालिया के सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री पहुँचाने में प्रशासनिक कारणों से देर हो रही है.

मंगलवार को पूर्वी अफ़्रीका में गंभीर सूखे की मार झेल रहे एक करोड़ लोगों की सहायता के लिए पहली बार अंतरराष्ट्रीय मदद भेजना शुरू होना था.

संयुक्त राष्ट्र के विमानों के सहायता लेकर सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के हवाई अड्डे पर उतरने की योजना है.

पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के सोमालिया के दो क्षेत्रों को अकालग्रस्त घोषित करने के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता की ये पहली खेप होगी.

सोमालिया के विदेश मंत्री मोहम्मद इब्राहिम ने चेतावनी दी है कि उनके देश में 35 लाख लोगों की भूख से मौत हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संस्था ने कहा है कि पिछले एक महीने में भोजन और पानी ढूँढते 40 हज़ार लोग मोगादिशु में चले आए हैं और हज़ारों लोगों ने राजधानी के बाहरी इलाक़ों में डेरा डाल दिया है.

सहायता और ख़तरा

सोमालिया के अधिकतर क्षेत्रों पर नियंत्रण करनेवाले इस्लामी गुट अल शबाब ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के राहत पहुँचाने पर पाबंदी लगा रखी है.

अल क़ायदा से संबंध रखनेवाले अल शबाब का आरोप है कि संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम समेत दूसरी संस्थाएँ राहत के नाम पर राजनीति कर रही हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम के उपनिदेशक आमिर अब्दुल्ला ने बीबीसी से कहा कि ख़तरों के बावजूद वो हर ज़रूरतमंद तक सहायता पहुँचाने की कोशिश करेंगे.

उन्होंने कहा,"ये एक मुश्किल अभियान होगा और विश्व खाद्य कार्यक्रम जैसी संस्थाओं को ऐसी जगहों पर जाने के लिए ख़तरा उठाना होगा जहाँ जाना काफ़ी मुश्किल है."

संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के विमान केन्या से राहत सामग्री लेकर जा रहे मोगादिशु उतरेंगे. ये राहत सामग्री सोमवार को फ्रांस से केन्या पहुँची थी.

मोगादिशु के कुछ हिस्सों पर अफ़्रीकी संघ की शांति सेना के सहयोग वाली एक अंतरिम सरकार का नियंत्रण है.

अन्य देश

फ़िलहाल पूर्वी अफ़्रीका में जो सूखा आया है उससे सबसे अधिक प्रभाव सोमालिया पर पड़ा है मगर इथियोपिया, केन्या और जिबूती पर भी इसका असर पड़ रहा है.

अगर सोमालिया में राहत सामग्रियों को पहुँचाने में बड़ी कठिनाई नहीं आती तो इसी तरह सोमालिया के पड़ोसी देश इथियोपिया के शहर डोलो आडो में भी विमानों से राहत सामग्रियाँ उतारी जा सकती हैं.

वहाँ से इसे सीमा पार सोमालिया में जूबालैंड नामक जगह पर ले जाने की योजना है जहाँ सोमालिया की सरकार समर्थक सेनाओं का कब्ज़ा है और जो अकालग्रस्त इलाक़े बाकूल के बिल्कुल पास पड़ता है.

समझा जा रहा है कि पूरे इलाक़े में कोई एक करोड़ लोग भुखमरी से जूझ रहे हैं.

जानकारों का मत है कि सूखे की ऐसी स्थिति बारिश की कमी और सरकारों के खेती और सिंचाई पर ध्यान ना देने के कारण ही पैदा हुई है.

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