'नॉर्वे अपने मूल्यों पर अडिग रहेगा'

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Image caption नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश अपने मूल्यों पर अडिग रहेगा

नॉर्वे के प्रधानमंत्री येंस स्टॉल्टनबर्ग ने कहा है कि उनका देश गत शुक्रवार को हुए हमलों से आतंकित नहीं होगा.

उन्होने कहा कि ये हिंसा घबराहट फैलाने के उद्देश्य से की गई थी लेकिन 'नॉर्वे के नागरिक दृढ़ता से अपने जीवन मूल्यों की रक्षा करेंगे'.

स्टॉल्टनबर्ग ने कहा कि नॉर्वे का समाज 'एक सहिष्णु और सबको साथ लेकर चलने वाला समाज है'.

अति दक्षिणपंथी चरमपंथी एंडर्स बेरिंग ब्रेविक ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है जिसमें कम से कम 76 लोग मारे गए.

राजधानी ऑस्लो में सत्ताधारी लेबर पार्टी की इमारतों को बम का निशाना बनाया गया था जबकि यूटोया द्वीप पर चल रहे लेबर पार्टी के युवा शिविर के सदस्यों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं.

ब्रेविक का कहना है कि वो लेबर पार्टी को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाना चाहते थे क्योंकि वो देश को आप्रवासन से बचाने में विफल रही है.

सकारात्मक संदेश

प्रधानमंत्री स्टॉल्टनबर्ग ने कहा कि यह नॉर्वे के आधारभूत मूल्यों, लोकतंत्र और खुलेपन पर हमला था और इसका जवाब होगा और लोकतंत्र और खुलापन.

उन्होने कहा कि अभी नए सुरक्षा क़ानूनों पर विचार करने का समय नहीं है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "जिन लोगों ने अपने परिवारजनों और मित्रों को खो दिया है ये उन्हे सांत्वना देने का समय है और उन लोगों की मदद करने का समय है जो घायल हुए हैं. उसके बाद और ख़ासतौर से जब जांच का काम पूरा हो जाएगा तब जो कुछ घटा है और उससे हमने जो सीखा है उसका आकलन करने का समय होगा और सुरक्षा उपायों पर कुछ फ़ैसला किया जाएगा."

लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा, "कभी न कभी हमें सामान्यता की ओर लौटना होगा. हमें शोक के साथ साथ सकारात्मक संदेश देना होगा. हमने पिछले दिनों यही देखा है, एक संगठित राष्ट्र."

प्रधानमंत्री समाचार सम्मेलन में अंग्रेज़ी में बात की और दुनिया के कोने-कोने से आए एकात्मता के संदेश के प्रति धन्यवाद दिया.

हमले अकेले ही किए

इस बीच नॉर्वे के अधिकारियों का कहना है कि हमलावर ब्रेविक ने अकेले ही ये हमले किये.

नॉर्वे के घरेलू ख़ुफ़िया प्रमुख यान क्रिस्चियनसन ने बताया कि अब तक ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि एंडर्स बेरिंग ब्रेविक का नॉर्वे के भीतर अन्य अति दक्षिणपंथी चरमपंथियों से कोई संबंध था.

लेकिन उन्होने कहा कि फिर भी इसकी जांच हो रही है क्योंकि इस व्यक्ति को लेकर कोई ख़तरा नहीं उठाया जा सकता.

ब्रेविक पर आतंकवाद के अभियोग लगाए गए हैं लेकिन पुलिस उनपर मानवता के विरुद्ध अपराध का अभियोग लगाने पर विचार कर रही है जिसके लिए 30 साल की जेल हो सकती है.

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