नज़दीक आ रही है संकट की घड़ी

Image caption मंगलवार तक फ़ैसला नहीं लिया गया तो अमरीका में नकदी का संकट पैदा हो जाएगा

लंबी राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बाद अमरीका में ऋण संकट से निपटने के लिए ज़रूरी राजनीतिक समझौता फ़िलहाल टल गया है.

अमरीका पर इस समय 14.3 खरब डॉलर का ऋण है. अमरीका चाहता है कि वो कर्ज़ लेने की सीमा को और बढ़ाए लेकिन इसके लिए सीनेट की रज़ामंदी चाहिए और वो भी दो अगस्त से पहले.

इस मामले में अगर कोई भी फैसला मंगलवार तक नहीं लिया गया तो अमरीका में नकदी का संकट पैदा हो जाएगा.

इस मामले में गुरुवार को अमरीकी संसद में मतदान होना था हालांकि विपक्षी दल रिपब्लिकन पार्टी की ओर से संसद में ज़रूरी समर्थन न जुटा पाने के चलते उनके प्रस्ताव पर मतदान को टाल दिया गया.

संसद में होने वाले मतदान में पहले कुछ देरी हुई और फिर उसे टाल दिया गया.

आरोप-प्रत्यारोप

अमरीका के लिए वक्त तेज़ी से खत्म हो रहा है लेकिन इस बीच राजनीतिक रूप से कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा.

सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी पहले ही कह चुकी है वो ऋण संकट से निपटने के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से सुझाए गए अल्पकालिक सुझावों का विरोध करेगी.

जानकारों का मानना है संसद में जारी यह गतिरोध समय सीमा के आस-पास ही ख़त्म होगा.

इससे पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन विरोधी जॉन बेनर ने टेलीविज़न के ज़रिए अपनी नीतियाँ लोगों के सामने रखी थीं.

अमरीकी सीनेट की प्रतिनिधि सभा में दोनों नेताओं ने अपनी नीतियों का बचाव किया और एक दूसरे पर अमरीकी अर्थव्यवस्था को संकट में डालने का आरोप लगाया था.

अमरीका का वार्षिक बजट घाटा डेढ़ खरब डॉलर है. ऋण संकट से निपटने के लिए कर्ज़ लेने की क्षमता बढ़ाने का काम अमरीकी सीनेट में आम तौर पर होता रहा है. लेकिन इस बार रिपब्लिकन पार्टी कर्ज़ बढ़ाने के मुद्दे पर कड़ा रुख अपना रहे हैं.

रिपब्लिकन चाहते हैं कि सरकार टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी न करे जबकि डेमोक्रेट पार्टी का मानना है कि ग़रीबों, बूढ़ों और अन्य लोगों के पेंशन योजना के लिए पैसा टैक्स बढ़ोतरी से हासिल किया जाए.

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