'दिमाग़ में हमलों के और ठिकाने भी'

एंडर्स बेरिंग ब्रेविक इमेज कॉपीरइट BBC World Service

नार्वे हमलों की ज़िम्मेदारी कबूल कर चुके एंडर्स बेरिंग ब्रेविक ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसके दिमाग में हमलों के लिए और ठिकाने भी थे.

शुक्रवार को पुलिस ने लगभग दस घंटे तक एंडर्स बेरिंग ब्रेविक से पूछताछ की. पुलिस का कहना है कि ये पड़ताल पहले की जा चुकी पूछताछ के जवाबों के मिलान के लिए की गई थी.

पुलिस की ओर से वकील पाल फेड्रिक कार्बी ने कहा कि हमलावर एंडर्स बेरिंग ब्रेविक ने पूछताछ के दौरान हमलों की योजना के बारे में बताया था, उनके दिमाग में अन्य जगहों को निशाना बनाने की योजना भी थी पर इनमें से सिर्फ़ दो ही सफल हो पाए.

उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान ब्रेविक ज़रूरत से ज़्यादा सहयोग करने को आतुर दिखे, विशेष रूप से ख़ुद के बारे में स्पष्टीकरण देते रहे.

हांलाकि पुलिस ने इन ख़बरों की पुष्टि नही की कि ब्रेविक राजमहल और लेबर पार्टी के मुख्यालय पर भी हमले करना चाहता था या नही.

अलग- अलग योजनाएं

ब्रेविक के वकील गिर लिपिस्टेड ने कहा कि उस शुक्रवार के लिए ब्रेविक के पास अलग- अलग स्तर पर कई योजनाएं थीं, लेकिन उस दिन जो कुछ भी हुआ वो अलग था. ब्रेविक ने जो किया उसका उन्हें पश्चाताप नही है और इन हमलों को ‘नृशंस किंतु ज़रुरी’ करार दिया था.

ब्रेविक को अदालत में पेश किया जा चुका है. ब्रेविक ने अदालत से सार्वजनिक सुनवाई की अपील की थी , लेकिन अदालत ने उनकी सुनवाई सार्वजनिक न करने का फै़सला किया.

पुलिस का कहना था कि ब्रेविक ने अकेले यह काम किया है और हमलों से पहले ब्रेविक ने एक पर्चा भी तैयार किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि बहु-संस्कृतिवाद के कारण यूरोप का राष्ट्रीय स्वाभिमान खत्म हो रहा है जिससे यूरोप का इस्लामी औपनिवेशीकरण हो रहा है.

22 जुलाई को ब्रेविक ने न केवल नार्वे की राजधानी ओस्लो में कार बम धमाका किया था बल्कि इस धमाके के बाद वो ओस्लो से थोड़ी दूर एक द्वीप ओटाइयो गए जहां उन्होंने अंधाधुंध गोलियां चलाकर कम से कम 76 लोगों को मार डाला था

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