क्यूबा में परिवर्तन को संसद का समर्थन

राउल कास्त्रो
Image caption कम्युनिस्ट महाधिवेशन में पहली बार आर्थिक सुधारों का प्रस्ताव रखा गया था

क्यूबा की ठहरी हुई अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के आर्थिक सुधार प्रस्तावों को संसद ने समर्थन दिया है.

छोटे व्यवसाय शुरु करने से लेकर नौकरशाही घटाने जैसे कई प्रस्ताव इस सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं और सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे पहले ही सहमति दे दी है.

राष्ट्रपति कास्त्रो ने संकेत दिए हैं कि विवादास्पद यात्रा और विदेश प्रवास नियमों में भी परिवर्तन किए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा है कि जो भी इस सुधार कार्यक्रम में बाधा डालेगा उसे दंडित किया जाएगा.

हवाना में बीबीसी के संवाददाता माइकल वॉस का कहना है कि राष्ट्रपति कास्त्रो को जिस बाधा का सामना करना पड़ रहा है वह उनकी अपनी पार्टी के अधिकारियों की ओर से आ रहा है, जो इस बात से डरे हुए हैं कि इन आर्थिक सुधारों के बाद उनके पास कोई काम नहीं रह जाएगा.

लेकिन संसद सदस्यों से राउल कास्त्रो ने कहा है, "नौकरशाही की ओर से हो रहे विरोध का कोई अर्थ नहीं है."

उन्होंने संसद में कहा कि अब समय आ गया है जब सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों का प्रस्ताव रखा जाए.

उन्होंने कहा, "हमें सभी निरर्थक बातों को अपने दिमाग़ से निकाल देना चाहिए."

कटौतियाँ और परिवर्तन

अपने द्विवार्षिक सत्र में संसद में विचार होना है उनमें दस लाख सरकारी नौकरियों में कटौती भी शामिल है, जिससे कि कृषि, खुदरा व्यापार और निर्माण के क्षेत्र में सरकारी दखल को कम किया जा सके.

इस कटौती से खाली हुई जगह को भरने के लिए छोटे निजी व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाएगा और साथ ही उपभोक्ता सामग्रियों और सेवाओं को दी जाने वाली सब्सिडी में धीरे-धीरे ख़त्म किया जाएगा.

राष्ट्रपति कास्त्रो ने कहा है कि सरकार देश की प्रवास नीति के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम कर रही है.

मानवाधिकार संगठन बहुत समय से क्यूबा सरकार की उस नीति की आलोचना करते रहे हैं जिसके तहत विदेश यात्राओं के लिए सरकार की अनुमति आवश्यक होती है. ये नियम उन दिनों से चला आ रहा है जब लोग राजनीतिक वजहों से देश छोड़कर जाया करते थे न कि आर्थिक वजहों से.

राउल कास्त्रो ने कहा, "इन नियमों ने एक समय अपनी भूमिका निभाई और उसके बाद से लोगों को इसे अनावश्यक सहना पड़ा है."

इससे पहले सरकार की ओर से मकान ख़रीदने-बेचने के नियम में परिवर्तन की अहम घोषणा की जा चुकी है और किसी भी राजनीतिक पद पर किसी व्यक्ति के दो साल से अधिक रहने पर भी पाबंदी लगाई जा चुकी है.

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