इतिहास के पन्नों से

इतिहास के पन्नों पर नज़र डालें तो तीन अगस्त के दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं थीं.

1957: अब्दुल रहमान मलेशिया के नए नेता चुने गए

Image caption अब्दुल रहमान के नेतृत्व में मलेशिया ने काफ़ी तरक़्क़ी की.

तीन अगस्त को 1957 में अब्दुल रहमान को मलेशिया का नया नेता चुना गया था जिनके नेतृत्व में मलेशिया ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की. ब्रिटेन में शिक्षा पाने वाले अब्दुल रहमान वैसे तो राज परिवार से आते थे लेकिन उन्हें हमेशा आम आदमी का नेता कहा जाता था.

31 अगस्त, 1957 को ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद अब्दुल रहमान ने देश में कई तरह के सुधार लागू किए. लेकिन ग़ैर-मलय जाति के लोगों को इस बात से नाराज़गी थी कि राजनीतिक शक्ति ज़्यादातर मलय जाति के लोगों के हाथों में ही केंद्रीत थी.

मलेशिया का नाम पहले मलय था और अब्दुल रहमान ने ही 1963 में सबाह, सरावक और सिंगापुर के साथ मिलकर इसे मलेशिया संघ का नाम दिया था. लेकिन सिर्फ़ दो साल के बाद सिंगापुर इससे अलग हो गया.

1969 में राजधानी कुआलालम्पुर में चीनी मूल और मलय जाति के लोगों के बीच भीषण हिंसक संघर्ष हुए थे जिसमें लगभग दो हज़ार चीनी मूल के प्रदर्शनकारी मारे गए थे.

राज्य में आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी और एक साल बाद अब्दुल रहमान ने 1970 में सक्रिय राजनीति से सन्यास ले लिया. 80 के दशक में वो दोबारा सक्रिय हुए और महाथिर मोहम्मद के निरंकुश शासन की उन्होंने कड़ी आलोचना की थी.

2003: अमरीका के एंग्लिकन चर्च में समलैंगिक बिशप

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Image caption जेन रॉबिंसन के बिशप चुने जाने पर समलैंगिक्ता पर एक नई बहस शुरू हो गई थी.

तीन अगस्त 2003 में अमरीका के एंग्लिकन चर्च ने एक समलैंगिक को बिशप नियुक्त करने का फ़ैसला किया था.

न्यू हैंम्पशायर के जेन रॉबिंसन को एपिस्कोपल चर्च के हाउस ऑफ़ डेपुटीज़ ने भारी बहुमत से बिशप चुना था.

उसके अगले दिन यानि चार अगस्त को हाउस ऑफ़ बिशप्स के ज़रिए उनके फ़ैसले की पुष्टि करनी थी लेकिन जेन रॉबिंसन पर यौन दुराचार का आरोप लगने के कारण चार अगस्त को ये बैठक नहीं हो सकी.

आख़िरकार जेन रॉबिंसन के ख़िलाफ़ लगे आरोप को वापस लिया गया और पांच अगस्त को हाउस ऑफ़ बिशप्स ने जेन को दो तिहाई बहुमत से एंग्लिकन चर्च का बिशप नियुक्त कर दिया.

जेन रॉबिंसन को बिशप बनाए जाने का भारी विरोध हुआ और ब्रिटेन में भी धार्मिक नेता इस बात से डरे हुए थे कि कहीं अमरीकी चर्च के फ़ैसले का असर ब्रिटेन के चर्च ऑफ़ इंग्लैंड पर भी ना पड़े.

लेकिन चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि जेन रॉबिंसन को बिशप बनाया जाना अमरीकी चर्च का अंदुरूनी मामला है.

नवंबर 2003 में भारी विरोध के बीच जेन रॉबिंसन को प्रतिष्ठित किया गया और आख़िरकार मार्च 2004 में उन्होंने अपना पदभार संभाला.

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