सीरिया में और प्रदर्शनकारी मारे गए

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Image caption प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों ने फिर गोलीबारी की है

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के बाद सीरिया में नए सिरे से हिंसक घटनाएँ हुई हैं.

ख़बरें हैं कि बीती रात राजधानी दमिश्क के एर्बिन ज़िले में रमज़ान के पवित्र महीने की शुरुआत में हुई नमाज़ के बाद छह लोग मारे गए हैं.

इससे पहले हमा में चार लोग मारे गए थे.

जबकि रविवार को कई लोग मारे गए थे. सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ये सबसे हिंसक दिन था.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक हुई है जिसमें प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दमनकारी नीतियाँ अपनाने के लिए सीरिया की निंदा के एक प्रस्ताव पर चर्चा हुई है.

हिंसा

मानवाधिकार संस्था के सीरिया के प्रमुख अब्दुल रहमान ने कहा है कि सीरिया में विभिन्न स्थानों पर सोमवार को 24 लोगों की मौत होने की ख़बरें हैं.

मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि हाल की हिंसा में अब तक 140 लोग मारे गए हैं.

उनका कहना है कि ज़्यादातर लोगों की मौत हमा में हुई है.

एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया, "मशीन गनों लगी हुईं सुरक्षा कारें और पिक-अप ट्रकों ने आधी रात के बाद एर्बिन ज़िले में प्रवेश किया और मुख्य चौराहे और आसपास की सड़कों पर गोलीबारी करने लगे."

एक और कार्यकर्ता का कहना है कि इसमें बहुत से लोग घायल भी हुए हैं.

हालांकि सीरिया सरकार ने कहा है कि सुधार होगा लेकिन उसका कहना है कि नागरिकों और उनके सैनिकों पर अज्ञात विदेशी लोगों के सहयोग से कुछ लोग हमला कर रहे हैं.

सुरक्षा परिषद की बैठक

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Image caption सुरक्षा परिषद निंदा प्रस्ताव पर और चर्चा करेगा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने विरोधियों के ख़िलाफ़ सीरिया सरकार की दमनकारी नीतियों पर प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव पर बातचीत के लिए न्यूयार्क में एक आपात बैठक की है.

बैठक एक बंद कमरे में हुई.

इस बीच भारत ने दिल्ली पहुंचे सीरिया के उप विदेश मंत्री फैसल मेकदाद से कहा है कि सीरिया को हिंसा छोड़कर धैर्य से काम लेने और राजनीतिक सुधारों को लागू करने की ज़रूरत है.

सुरक्षा परिषद की बैठक के बारे में बात करते हुए अमरीकी राजदूत सुज़न राईस कहा कि वहां के हालात चिंताजनक हैं.

उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर व्यापक चिंता थी और सभी ने इसकी निंदा की.

रूस सीरिया के विरूद्ध किसी भी निंदा प्रस्ताव से मना करता रहा है लेकिन माना जा रहा है कि शायद वो इस मामले पर एक बयान के लिए तैयार हो जाए.

भारत ने, जिसके पास फ़िलहाल सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता है, कहा है कि बढ़ रही हिंसा को लेकर सोचों में एक सहमति का माहौल है.

परिषद इस मामले पर मंगलवार को फिर से बैठक करेगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सदस्य देश धीरे-धीरे उस बयान की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं जिसमें बढ़ती हिंसा की निंदा की जाएगी.

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