सीरिया में कई जगह फ़ायरिंग, अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा

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Image caption हमा शहर में कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं

सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सेना अनेक जगहों पर फ़ायरिंग कर रही है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के मुद्दे पर चर्चा हुई है लेकिन आम सहमति नहीं बन पाई है.

सेना ने हमा शहर की घेराबंदी की हुई है और निवासियों ने बीबीसी को बताया है कि सैन्य कार्रवाई के डर से लोग अपने घर छोड़कर गावों की ओर भाग रहे हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उत्तर-पूर्वी शहर हासाका, तटवर्ती शहर लाताकिया और राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाक़े में हिसा भड़की है.

हमा में कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. मंगलवार को शहर पर कब्ज़ा करने की मंशा से सेना ने रमज़ान के दौरान शाम को टैंको से गोलाबारी की है और कम से कम सात निवासी मारे गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि राजधानी दमिश्क के पश्चिमी भाग में सेना लोगों पर फ़ायरिंग की है और अनेक लोग घायल हो गए हैं.

'मार्च से 1600 लोग मारे गए'

इस साल फ़रवरी में ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और फिर सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया में भी प्रदर्शन शुरु हो गए थे.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार मार्च से हो रहे प्रदर्शनों में कम से कम 1600 आम नागरिक मारे गए है. रविवार से हो रही सैन्य कार्रवाई में कम से कम 140 लोग मारे गए हैं और इनमें से अधिकतर लोग हमा शहर में मारे गए हैं.

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Image caption सीरिया में असद परिवार पिछले लगभग 40 साल से सत्ता में बना हुआ है

प्रदर्शनकारी व्यापक राजनीतिक सुधारों और राष्ट्रपति बशर अल असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति असद का परिवार पिछले लगभग 40 साल से सीरिया में सत्ता में बना हुआ है.

सीरिया की सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई बंद करे.

राष्ट्रपति असद ने राजनीतिक सुधारों का वादा तो किया है लेकिन उनका दावा है कि नागरिकों और सुरक्षा बलों को विदेशी ताकतों से समर्थन से सशस्त्र गिरोह निशाना बना रहे हैं.

सुरक्षा परिषद में चर्चा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पिछले दो दिन से सीरिया के मुद्दे पर चर्चा हो रही है. राजनयिकों ने कुछ प्रगति होने की बात कही है लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन पाई है.

अब सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने सीरियाई सेना के बल प्रयोग पर अपने विदेश मंत्रालयों को एक प्रस्ताव का मसौदा भेजा है.

संयु्क्त राष्ट्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सदस्यों के बीच इस विषय पर सहमति बननी बाक़ी है कि सीरिया में हो रही हिंसा की निंदा के लिए किस शब्दावली का इस्तेमाल किया जाए.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा है कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सीरियाई मूल के लोगों से मिली हैं. उनका कहना है कि अमरीका सीरिया के ख़िलाफ़ अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने पर आगे बढ़ रहा है.

इटली ने नागरिकों पर हो रहे कथित अत्याचार का ज़िक्र करते हुए सीरिया में अपने राजदूत को चर्चा के लिए वापस बुला लिया है.

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