फुकुशिमा: तीन अधिकारी बर्खास्त

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Image caption फुकुशिमा संयंत्र से पिछले पांच महीने से रिसाव जारी है.

जापान के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभा रहे तीन लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है.

जापान के व्यापार एवं उद्योग मंत्री बानरी काएदा ने कहा है कि इन तीनों अधिकारियों को परमाणु संयंत्र और इसकी समस्याओं की ज़िम्मेदारी ठीक से नहीं निभाने का ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

पिछले पाँच महीनों से फुकुशिमा संयंत्र से रेडियोएक्टिव विकिरणों का रिसाव जारी है. इस घटना के बाद सरकार और ऊर्जा उद्योग के बीच के गहरे संबंध भी प्रकाश में आ गए हैं.

जिन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है वो परमाणु सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख नोबुआकी टेरासाका, प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख तेत्सुहिरो होसोनो और आर्थिक, व्यापार और उद्योग मामलों के उपमंत्री काज़ुओ मात्सुनागा हैं.

उद्योग मंत्री काएदा ने फुकुशिमा संयंत्र में संकट के दौरान प्रमुख भूमिका निभाई थी उन्होंने कहा कि वो मामले में ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी योजना मंत्रालय में बड़े बदलाव की है. मैं पिछले एक महीने से इसके बारे में सोच रहा हूं. नए लोग आकर नए सिरे से मंत्रालय का पुनर्निर्माण करेंगे.’’

जापान में एक नई और स्वतंत्र परमाणु सुरक्षा नियामक बोर्ड बनाने की भी योजना है.

बीबीसी के टोक्यो संवाददाता का कहना है कि अभी तक व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार था लेकिन वो परमाणु ऊर्जा की वकालत भी करते थे.

प्रधानमंत्री नाओतो कान का कहना है कि देश को ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों की तरफ रुख करना चाहिए.

अभी तक जापान के कई हिस्सों में बिजली की कमी बनी हुई है क्योंकि यहां दो तिहाई से अधिक परमाणु रिएक्टर काम नहीं कर रहे हैं.

ये बर्खास्तगी ऐसे समय में हुई है जब जापान की संसद ने टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी की मदद के लिए एक कोष बनाया है ताकि प्रभावितों को मुआवजा़ दिया जा सके.

प्रभावितों के लिए मुआवजे़ की रकम अरबों में है.