'तालिबान' ने मार गिराया अमरीकी हेलीकॉप्टर

शिनूक हेलीकॉप्टर
Image caption प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि उन्होने हेलीकॉप्टर पर रॉकेट का हमला होते देखा है.

पूर्वी अफ़गानिस्तान में एक अमरीकी हेलीकॉप्टर के गिरने से 31 अमरीकी सैनिकों की मौत हो गई है. इस घटना में सात अफ़गान सैनिक भी मारे गए हैं. ये जानकारी अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कार्यालय ने दी है.

ये हेलीकॉप्टर एक सैन्य कार्रवाई के बाद सैनिकों को वापस उनके अड्डे तक पहुंचाने जा रहा था.

अमरीका और नैटो ने हेलीकॉप्टर के गिरने के कारण को स्पष्ट नहीं किया है लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों का कहना है कि इसे तालिबान ने मार गिराया है.

तालिबान के प्रवक्ता ने भी दावा किया है कि ये हेलीकॉप्टर उनके रॉकेट का निशाना बना है.

साल 2001 में शुरू हुए अमरीका के अफ़गानिस्तान अभियान अबतक कभी भी एक घटना में इतने अधिक अमरीकी सैनिक नहीं मारे गए हैं.

हामिद करज़ई के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर बीती वरदाक प्रांत में गिरा है.

ये हेलीकॉप्टर तालिबान के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन के बाद लौट रहा था जिसमें आठ चरमपंथियों के मारे जाने की ख़बर है.

समाचार एजेंसी एपी को ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि हेलीकॉप्टर को शायद तालिबान ने ही मार गिराया है.

अफ़गानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाले गठबंधन के एक अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि हेलीकॉप्टर को रॉकेट हमले का निशाना बनाया गया है.

गहरी संवेदना

इससे पहले अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक बयान में कहा था, "अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं."

राष्ट्रपति ओबामा ने भी मरने वाले अमरीकी और अफ़गान सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है.

ओबामा की ओर जारी एक बयान में कहा गया है, "हम उनकी ज़िंदगी से प्रेरणा लेते हुए अपने देश को सुरक्षित रखने के लिए काम करते रहेंगे. हमें उन अफ़गान सैनिकों की मौत का भी अफ़सोस है जो एक शांतिपूर्ण अफ़गानिस्तान बनाने की कोशिश में हमारे सैनिकों के साथ मारे गए हैं."

नैटो के नेतृत्व वाली इंटरनेशनल सिक्यूरिटी असिसटेंस फ़ोर्स ने हेलीकॉप्टर के गिरने की तो पुष्टि की है लेकिन इसके गिरने की वजह और मरने वालों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

नैटो ने कहा है कि वो हेलीकॉप्टर को खोजने और उसके दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जानने के लिए एक ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है.

'दुश्मन की गतिविधियां'

नैटो ने स्वीकार किया है कि जिस क्षेत्र में हेलीकॉप्टर गिरा है वहां 'दुश्मन की गतिविधियां' जारी थीं.

एक तालिबान प्रवक्ता ने कहा है कि हेलीकॉप्टर को रॉकेट से हमलाकर मार गिराया गया है.

एक स्थानीय निवासी ने बीबीसी की पश्तो सेवा को बताया है कि हेलीकॉप्टर पर रॉकेट गिराया गया है.

मोहम्मद वली वारदाग ने कहा, "सुबह कुछ अमरीकी सैनिक हेलीकॉप्टर से उतरे थे. उसके बाद एक और हेलीकॉप्टर आया. हम अपने कमरों के बाहर बरामदे में बैठे थे. वो हेलीकॉप्टर काफ़ी नीचे उड़ रहा था कि तभी एक रॉकेट उसपर आ गिरा और उसमें आग लग गई. थोड़ी देर बाद हेलीकॉप्टर हमारे घर के क़रीब नदी के पास गिर गया."

अफ़गानिस्तान में इस वक़्त एक लाख 40 हज़ार विदेशी सैनिक मौजूद हैं. इनमें से एक लाख अमरीकी हैं.

साल 2014 के अंत कर अफ़गानिस्तान में स्थित ये सभी विदेशी सैनिक वापस लौट जाएंगे.

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