स्ट्रॉस-कान पर नया मुक़दमा

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Image caption स्ट्रॉस कान फ़िलहाल ज़मानत पर छूटे हैं

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पूर्व प्रमुख डॉमिनिक स्ट्रॉस-कान के विरुद्ध यौन दुराचार की कोशिश का आरोप लगाने वाली महिला ने अब उन पर न्यूयॉर्क की दीवानी अदालत में मुक़दमा दायर किया है.

इस मुक़दमे में स्ट्रॉस-कान से हर्ज़ाने की माँग की गई है. न्यूयॉर्क के एक होटल की कर्मचारी नफ़ीसातू डिएलो का आरोप है कि उस घटना के बाद वह शर्मिंदगी और बदनामी का सामना कर रही हैं.

स्ट्रॉस-कान ने यौन दुराचार के आरोपों से इनकार किया था और उन्हें ज़मानत पर छोड़ा गया है.

उनके वकीलों का कहना है कि इस मामले में कोई दम नहीं है और वह इसके ख़िलाफ़ पुरजोर ढंग से अपनी बात रखेंगे.

अदालत में दायर मामले में डिएलो ने कहा कि स्ट्रॉस-कान ने 'जानबूझकर, बर्बर और हिंसक तरीक़े से डिएलो पर हमला किया और इस प्रक्रिया में डिएलो को शर्मिंदा और बदनाम तो किया ही बतौर महिला उनकी प्रतिष्ठा भी नहीं रही.'

आरोप लगाया गया है कि स्ट्रॉस-कान ने 14 मई को उनकी योनि पर खरोंच लगाई, उनके कंधों को चोट पहुँचाई, उनके अंतर्वस्त्र फाड़ डाले हिंसक तरीक़े से उनके सिर को पीछे से पकड़ा.

डिएलो पर आरोप

इन आरोपों से पहले तक 65 वर्षीय स्ट्रॉस-कान को 2012 में फ़्रांस में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अग्रणी प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा था.

वह 23 अगस्त को दोबारा अदालत में पेश होंगे.

अभियोग पक्ष का कहना है कि डीएनए के सबूत स्ट्रॉस-कान को न्यूयॉर्क के उस होटल में हुई दुराचार की कोशिश से जोड़ते हैं.

मगर स्ट्रॉस-कान के वकीलों का कहना है कि अगर यौन संबंध बने तो वे आपसी सहमति से थे और उनके अनुसार डिएलो ने पैसे बनाने के लिए स्ट्रॉस-कान पर यौन दुराचार की कोशिश के आरोप लगाए हैं.

बचाव पक्ष अब उन सबूतों का सहारा ले रहा है कि डिएलो ने अमरीका में शरण पाने के लिए आव्रजन की प्रक्रिया में झूठ बोला था. उनके मुताबिक़ एक ऐसी रिकॉर्डिंग भी है जिसमें डिएलो जेल में बंद एक दोस्त से उस घटना से आर्थिक फ़ायदा उठाने की बात कह रही हैं.

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