सीरिया से और राजदूत वापस, तुर्की की चेतावनी

हमा शहर में कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं इमेज कॉपीरइट Reuters

सीरिया में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग का विरोध करते हुए सऊदी अरब के बाद कुवैत और बहरीन ने भी अपने राजदूतों को वहाँ से वापस बुलाने की घोषणा की है.

इसके बाद एक महत्वपूर्ण क़दम उठाते हुए तुर्की के विदेश मंत्री अहमद दोवुतोगलू मंगलवार को सीरिया को 'चेतावनी देने के मक़सद से' वहाँ जा रहे हैं. दोनों पडोसी देशों के बीच व्यापार और विकास की दृष्टि से अहम रिश्ते हैं.

इस्तांबुल में बीबीसी संवाददाता जोनाथन हैड के अनुसार तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप तैय्यिप अर्दोगान ने कहा है कि सीरिया में प्रदर्शनकारियों के मुद्दे पर तुर्की का सब्र ख़त्म हो रहा है.

इस साल फ़रवरी में ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और फिर सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया में भी प्रदर्शन शुरु हो गए थे. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार मार्च से हो रहे प्रदर्शनों में कम से कम 1700 आम नागरिक मारे गए है.

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Image caption कुवैत और बहरीन ने भी सऊदी अरब के बाद अपने राजदूतों को सीरिया से वापस बुलाया है

प्रदर्शनकारी व्यापक राजनीतिक सुधारों और राष्ट्रपति बशर अल असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति असद का परिवार पिछले लगभग 40 साल से सीरिया में सत्ता में बना हुआ है.

सीरिया की सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वह प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई बंद करे.

राष्ट्रपति असद ने राजनीतिक सुधारों का वादा तो किया है लेकिन उनका दावा है कि नागरिकों और सुरक्षा बलों को विदेशी ताकतों से समर्थन से सशस्त्र गिरोह निशाना बना रहे हैं.

व्यापक अंतरराष्ट्रीय दबाव

सऊदी अरब के शाह अब्दुल्लाह ने ख़ुद सीरिया से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग बंद करने को कहा था.

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Image caption राष्ट्रपति बशर अल असद का परिवार पिछले 40 साल से सीरिया में सत्ता में बना हुआ है

उनका कहना था, "ये मार-काट की मशीन और ख़ून-ख़राबा बंद करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए." इसके बाद कुवैत ने कहा था कि सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए.

बहरीन का कहना था कि सीरियाई सरकार को समझ-बूझ से काम लेना चाहिए.

अरब लीग ने हाल में सीरिया की ख़ासी आलोचना की थी और सऊदी अरब ने सीरिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. अब बहरीन और कुवैत ने भी अपने राजदूतों को वापस बुलाने की घोषणा की है.

कई महीनों से तुर्की सीरिया को प्रदर्शनकारियों के साथ अपनाए जा रहे रवैए में बदलाव लाने की सलाह दे रहा है.

दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे हैं और ख़ासा व्यापार है.

बीबीसी संवाददाता जोनाथन हैड के मुताबिक तुर्की सीरिया के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कड़े प्रतिबंधों को समर्थन देने की धमकी भी दे सकता है.

हालाँकि पर्यवेक्षकों को शक़ है कि तुर्की की धमकियों का सीरिया पर कितना असर होगा.

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