इतिहास के पन्नों से

इतिहास के पन्नों को पलटें तो पाएगें कि साल 1999 में अगस्त 11 ही के रोज़ यूरोप और एशिया में क़रीब 35 करोड़ लोगों ने सदी के आखिरी पूर्ण सूर्यग्रहण का नज़ारा देखा था. साल 1984 के लॉस एंजेलस ओलंपिक के दौरान एक ब्रितानी धावक द्वारा दूसरी अमरीकी धावक के टकरा जाने से विवाद खड़ा हो गया

1999 : करोड़ों ने पूर्ण सूर्यग्रहण देखा

Image caption मिस्र में धर्मगुरुओं की सलाह पर लोगों ने अपने आप को घरों के अंदर बंद कर लिया

यह सूर्यग्रहण पृथ्वी अटलांटिक के ऊपर उत्तरी अमरीका से दिखना शुरू हुआ. ब्रिटेन में केवल कॉर्नवाल इलाके में ही पूर्ण सूर्यग्रहण देखा जा सका.

दुनिया में कई जगहों पर बादलों की वजह से लोगों की सदी का आखिरी सूर्यग्रहण देखने की की हसरत अधूरी ही रह गई. उत्तरी फ़्रांस और जर्मनी में जहाँ आकाश इस सूर्यग्रहण के मिनटों पहले तक एकदम साफ़ था पूर्ण सूर्यग्रहण के अपनी पूर्णता पर पहुँचते ही घने बादल छा गए और भारी वर्षा होने लगी. रोमानिया के दक्षिण मध्य में यह सूर्यग्रहण पूर्णता के साथ नज़र आया. रोमानिया के इस इलाके मुख्य शहर की सडकें लोगों से पट गईं. ब्रिटेन के बाद यह प्राकृतिक नज़र यूरोप के अन्य हिस्सों व एशिया में देखा गया.

मिस्र में धर्मगुरुओं की सलाह पर लोगों ने अपने आप को घरों के अंदर बंद कर लिया और सड़कों पर सन्नाटा छा गया पर सीरिया और जोर्डन में इस दिन राष्ट्रिय अवकाश घोषित कर दिए गए.

पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी ब्रिटेन की ही तरह बादलों के कारण लोग सूर्यग्रहण का नज़ारा देखने से वंचित रह गए. दुनिया भर में ऊँची जगहों पर बैठे भारी भरकम उन्नत दूरबीनों से लैस खगोलशास्त्रियों ने मौके का भरपूर फायदा उठाया.

1984 : ज़ोला बड का ओलंपिक विवाद

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Image caption ज़ोला बड अमरीका की मैरी डेकर से टकरा गईं जिसके कारण मैरी को दौड़ से बाहर होना पड़ा

लॉस एंजेलस ओलंपिक खेलों के दौरान दक्षिण अफ्रीकी मूल की ब्रितानी धावक ज़ोला बड के बहुत बड़े विवाद के केंद्र में आ गईं. हुआ दरअसल यह था कि 3000 मीटर की रेस के दौरान ज़ोला बड अमरीका की शीर्ष धावक मैरी डेकर से टकरा गईं थीं जिसके कारण मैरी को दौड़ से बाहर हो जाना पड़ा.

दर्शकों की उग्र प्रतिक्रया से घबराईं ज़ोला बड खुद इस दौड़ में सातवें स्थान पर रहीं.

बड पहले ही से विवादित थीं क्योकि ओलंपिक के मद्देनज़र उन्हें तुरत फुरत ब्रिटेन की नागरिकता दी गई थी. उन दिनों अपनी रंगभेदकारी नीतियों के कारण दक्षिण अफ्रीका पर ओलंपिक व कई अन्य खेलों में भाग लेने पर प्रतिबंध था.

भारी विवादों के बावजूद यह तय नहीं हो पाया कि दोनों धावकों में से किस कि गलती की वजह से यह हुआ. दोनों के टकराने के दृश्य को कई बार अलग अलग कोणों से टीवी पर देखा गया लेकिन कुछ भी नतीजा नहीं निकला.

बाद के सालों में ज़ोला बड दौड़तीं रहीं और उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े. साल 1985 में उन्होंने 5000 मीटर की दौड़ में विश्व रिकॉर्ड कायम किया. साल 1988 में ज़ोला बड दक्षिण अफ्रीका लौट गईं और वहां जा कर बस गईं.

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