दंगों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र

  • 11 अगस्त 2011
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Image caption ब्रिटेन में दंगे और लूटमार की घटनाओं पर संसद में चर्चा होनी है

ब्रिटेन के विभिन्न शहरों में हुए दंगे-फ़साद पर बहस के लिए संसद का विशेष सत्र गुरुवार को बुलाया जा रहा है.

उधर पिछली चार रातों से जारी हिंसा और लूटमार रोकने के लिए लंदन और इंग्लैंड के बाक़ी शहरों में पुलिस बल बड़े पैमाने पर तैनात है जबकि उत्तरी इंग्लैंड में इन गतिविधियों में शामिल दो लोगों को 10 और 16 हफ़्तों की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन संसद में बहस की शुरुआत करेंगे जहाँ हिंसा और लूटपाट रोकने के सरकारी और पुलिस के प्रयासों का ज़िक्र होगा.

संसद के विशेष सत्र संकट के दौर में बुलाए जाते हैं और ब्रिटेन में पिछले 50 वर्षों में ऐसा 25वीं बार हो रहा है.

मौजूदा ब्रितानी प्रधानमंत्री कैमरन का कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा है मगर इसी दौरान ये दूसरी बार है जबकि संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है.

इससे पहले फ़ोन स्कैंडल को लेकर संसद का एकदिवसीय सत्र बुलाया गया था.

गंभीर संकट

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Image caption कैमरन ने दंगों को लेकर कड़ा संदेश देने की कोशिश की है

मगर ये संकट उससे कहीं ज़्यादा गंभीर है. किसी भी सरकार के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने से ज़्यादा ज़रूरी कुछ नहीं हो सकता.

इस दौरान कैमरन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी संसद को और उससे भी आगे देश को ये भरोसा दिलाना कि स्थिति पर उनका नियंत्रण बना हुआ है.

कैमरन अपने सुर का थोड़ा बहुत अंदाज़ा दे चुके हैं और लग रहा है कि वह मध्यमार्गी दक्षिणपंथी तेवर रखेंगे जहाँ इस असंतोष के लिए ग़ैर-ज़िम्मेदारानापन और स्वार्थीपन को ज़िम्मेदार ठहराया गया है न कि सामाजिक विषमताओं को.

जनमत संग्रह बताते हैं कि ज़्यादातर लोग भी यही मानते हैं मगर साथ ही उनका ये भी मत है कि सरकार और पुलिस ने दंगों से निबटने में अब तक काफ़ी नर्म रुख़ अपनाया है.

गिरफ़्तारियाँ

मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने लंदन में हिंसा के मामले में 805 लोगों को गिरफ़्तार किया है जिनमें से 291 के विरुद्ध आरोप भी तय किए गए हैं. कैमरन ने कहा है कि अभी ये संख्या और बढ़ेगी क्योंकि सीसीटीवी फ़ुटेज की जाँच जारी है.

मैनचेस्टर और सैलफ़र्ड में हिंसा के लिए 113 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं जबकि वेस्ट मिडलैंड्स में बुधवार सुबह तक 163 गिरफ़्तारियाँ हुई थीं.

इतनी बड़ी संख्या में गिरफ़्तारियों को देखते हुए कई जगहों पर अदालतों में रात भर काम हुआ है. अधिकतर मामले लूटपाट और चोरी के हैं. इन मामलों में कुछ 11 साल के बच्चे भी गिरफ़्तार हुए हैं.

लंदन की मुख्य अभियोक्ता एलिसन सॉन्डर्स ने कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया का मक़सद सभी मामलों को जल्दी से जल्दी निबटाना है जिससे लोगों में ये भरोसा आ सके कि दोषियों को तेज़ी से सज़ा दिलाई जाएगी.

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