'ब्रिटेन में मंहगाई बढ़ेगी'

Image caption मर्विन किंग ने महंगाई में बढ़ोतरी की चेतावनी दी

बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने साल 2011 के लिए ब्रिटेन के अनुमानित विकास दर 1.8 फ़ीसदी से घटाकर 1.5 फ़ीसदी कर दी है जिसका मतलब है कि कर संग्रह में कमी आएगी और बेरोज़गारी बढ़ सकती है.

इस साल की शुरुआत में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर ने कहा था कि 1920 के बाद ब्रिटेन के जीवन स्तर में संकुचन का ये सबसे लंबा दौर है.और बुधवार को उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के ईंधन खर्च में बढ़ोतरी की वजह से जीवन स्तर में संकुचन का ये दौर अभी जारी रहेगा.

बैंक के गवर्नर मर्विन किंग ने कहा है कि यूरोप का कर्ज़ संकट और अमरीकी क्रेडिट रेटिंग घटाए जाने का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर हुआ है.

एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मई महीने से कमज़ोर हुई है और मुद्रास्फीति के इस साल पांच फ़ीसदी तक पहुंचने की आशंका है.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि बैंक को उम्मीद है कि अगले साल मुद्रास्फीति में गिरावट आएगी.

बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर ने कहा कि आर्थिक विकास को सबसे बड़ी चुनौती यूरोज़ोन से मिल रही है जहां कुछ देश अपनी वित्तीय और बैंकिंग व्यवस्था को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

वैश्विक आर्थिक असंतुलन

गवर्नर ने कहा,''विश्व अर्थव्यवस्था में जो असंतुलन है उसे ठीक करने की कोशिश नहीं की जा रही और कर्ज़ से जुड़ी समस्याएं अभी भी मौजूद हैं. मौजूदा हालात को ठीक होने में अभी कई साल लग जाएंगे.''

मर्विन किंग ने कहा कि आर्थिक विकास को लेकर अब भी उम्मीद बनी हुई है और लगता है कि धीरे-धीरे विकास की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी.

उनका कहना था,''मैं वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकट को कम करके नहीं आंकना चाहता. लेकिन इंग्लैंड ने अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश की है.हमारी एक भरोसेमंद मध्यावधि राजकोषीय योजना है जो कि कई देशों में नहीं है. हमने अपनी मुद्रा का अवमूल्यन किया है जिससे निर्यात में बढ़ोतरी होगी.''

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि हाल के दिनों में कच्चे तेल और वस्तुओं की क़ीमत में जो गिरावट आई है उससे जीवन स्तर में संकुचन का ये दौर ख़त्म भी हो सकता है.

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