'नेताओं का दख़ल बेमतलब'

  • 12 अगस्त 2011
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ब्रिटेन के एक वरिष्ठ अधिकारी सर ह्यू ऑर्डे ने हाल ही में हुए दंगों के दौरान पुलिस की भूमिका का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि इस पर राजनेताओं का दख़ल बेमतलब है.

गुरुवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि दंगों से निपटने के लिए सड़कों पर पुलिस की तैनाती कम थी.

कैमरन के अनुसार ब्रितानी पुलिस ने माना है कि वो दंगों की प्रवृत्ति को पढ़ नहीं पाए और निपटने के लिए अपनाई नीतियां ग़लत रहीं.

लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ह्यू ऑर्डे का कहना है कि दंगों की पहली रात पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की थी, पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई थी और निपटने का तरीका भी बदला था. माना जाता है कि ह्यू ऑर्डे मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अगले आयुक्त के लिए उम्मीदवार हो सकते हैं.

मतभेद

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बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ह्यू ऑर्डे का बयान सरकार और आला पुलिस अधिकारियों के बीच का तनाव दर्शाते हैं.

ह्यू ऑर्डे के मुताबिक लंदन में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का फ़ैसला पुलिस सेवा के अधिकारियों ने ही लिया था क्योंकि उन्हें इन मामलों की समझ है.

उन्होंने ब्रिटेन की गृह मंत्री के उस दावा को भी खारिज कर दिया कि पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द करने का आदेश उन्होंने दिया था. पुलिस अधिकारी का कहना था कि गृह मंत्री के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है.पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को लेकर ह्यू ऑर्डे पहले भी सरकार से भिड़ चुके हैं.

इंग्लैंड में हुए दंगों पर गुरुवार को संसद का आपात सत्र बुलाया गया था. इसमें डेविड कैमरन ने चेहरा ढंक कर लूटपाट करने वालों के ख़िलाफ़ कड़े क़दमों की घोषणा की और कर्फ्यू लगाने के मामलों की भी समीक्षा की.

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