रिहाई के बाद सू ची का पहला राजनीतिक दौरा

  • 14 अगस्त 2011
Image caption समर्थकों की भीड़ बागो के एक पैगाडा में जमा हुई थी

बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने पिछले नवंबर में नज़रबंदी से अपनी रिहाई के बाद पहली बार रंगून के बाहर राजनीतिक दौरा किया है.

बागो क्षेत्र की इस यात्रा में सू ची को देखने और उनका स्वागत करने के लिए सैकड़ों लोग बागो जाने वाली सड़क के दोनों तरफ़ जमा थे.

रंगून से 80 किलोमीटर उत्तर में दिए अपने भाषण में सू ची ने लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की.

उनकी पार्टी के एक नेता ने कहा कि सू ची इस यात्रा के ज़रिए बर्मा के अधिकारियों और लोगों की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश कर रही हैं.

बर्मा के अधिकारियों ने पहले चेतावनी दी थी कि इस तरह के दौरे से अशांति फैल सकती है.

सुरक्षा अधिकारी सू ची के काफ़िले पर पूरी निगरानी रख रहे थे.

हालांकि बीबीसी के दक्षिण-पूर्व एशिया संवाददाता का कहना है कि हाल की गतिविधियों से ये संकेत मिलता है कि बर्मा की सरकार और सू ची के बीच रिश्ते बेहतरी के रास्ते पर हैं.

सुरक्षा संबंधी चिंता

आंग सान सू ची ने बागो क्षेत्र की यात्रा तीन कारों के काफ़िले में की जिसके पीछे संवाददाताओं और समर्थकों की गाड़ियों की लंबी कतार थी.

बागो जाने के रास्ते में पड़नेवाले शहरों और गांवों की सड़क के दोनों तरफ़ सैकड़ों लोग हाथों में बैनर लिए नारेबाज़ी कर रहे थे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सड़कों के किनारे मौजूद कई लोग कई साल तक नज़रबंदी में रही नेता की एक झलक पाना चाहते थे.

बागो के एक पैगोडा में लोगों नारे लगा रहे थे''आंग सान सू ची अमर रहें!''

66 वर्षीय सू ची ने बागो से सटे था नैट पिन में एक पुस्तकालय के उद्घाटन के दौरान क़रीब छह सौ लोगों को संबोधित किया.

उन्होंने कहा,''हम इस देश का विकास तभी कर सकते हैं जब हम मिलकर काम करें. एकता में ही ताक़त है. इसकी हर जगह ज़रूरत है और हमारे देश में इसकी ख़ास ज़रूरत है.''

सू ची के इस दौरे में सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता थी.

इससे पहले 2003 में सू ची अपने समर्थकों के बीच पहुंची थीं लेकिन उनके काफ़िले पर हमला कर दिया गया था और इसी घटना की परिणति सात साल तक के लिए उनकी हिरासत के रूप में हुई थी.

माना जाता है कि ये हमला पुरानी सैनिक सरकार के समर्थक गुट ने किया था.

इस घटना में कई लोग मारे गए थे.

बीबीसी संवाददाता रचेल हार्वे का कहना है कि अब समय बदल गया है. इस वक़्त बर्मा में एक चुनी हुई सरकार है और पिछले कछ हफ़्तों में इस सरकार ने सू ची के साथ संबंधों में सुधार की इच्छा प्रकट की है. बागो क्षेत्र के इस दौरे से तथाकथित सद्भाव की सच्चाई सामने आ जाएगी.

सू ची और सरकार के एक मंत्री के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है और दोनों ही पक्षों ने देश की बेहतरी के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई है.

रिहाई

Image caption सू ची ने था नैट पिन में एक पुस्तकालय का उद्घाटन किया

नज़रबंदी से रिहाई के बाद इससे पहले सू ची पिछले महीने रंगून से बाहर एक निजी यात्रा पर प्राचीन शहर बागन गई थीं, हालांकि उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया था.

सू ची की पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी ने 1990 में आम चुनाव जीता था लेकिन सैनिक शासकों ने कभी भी उन्हें सरकार नहीं बनाने दिया.

पिछले साल हुए चुनाव में सैनिक शासकों से जुड़े राजनीतिक दलों को जीत हासिल हुई थी.

सू ची की पार्टी ने सरकार पर चुनाव में धांधली और डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए इन चुनावों का बहिष्कार किया था.

पिछले साल नवंबर में हुए चुनाव के बाद ही सू ची को सात साल की नज़रबंदी के बाद रिहा किया गया था.

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