सीरिया में बमबारी, पलायन और गिरफ़्तारियाँ

  • 16 अगस्त 2011
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उत्तरी सीरिया के तटवर्ती शहर लाताकिया में सरकारी सेना ने भीषण बमबारी की है और हज़ारों फ़लस्तीनी शरणार्थियों को अपने शिविर छोड़कर वहाँ से भागना पड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि कम से कम चार फ़लस्तानी मारे गए हैं जबकि रिपोर्टों के अनुसार अनेक अन्य घायल हुए हैं.

सरकार विरोधी विद्रोहियों को विभिन्न शहरों में निशाना बना रही सीरियाई फ़ौज ने पिछले तीन दिनों से टैंकों, बख़तरबंद गाड़ियों और समुद्री युद्धपोत के ज़रिए लाताकिया के कई इलाक़ों पर भारी बमबारी की है और कम से कम 30 लोग मारे जा चुके हैं.

उधर एक सीरियाई सैन्य अधिकारी ने समुद्री युद्धपोत के इस्तेमाल को बेबुनियाद बताया है.

मिस्र और ट्यूनिशिया में इस साल फ़रवरी में भड़के सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद से सीरिया में मार्च से ही सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार मार्च से अब तक देश में 1700 आम नागरिक फ़ौज की कार्रवाई में मारे गए हैं. कम से कम 30 हज़ार लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

विद्रोही राष्ट्रपति बशर अल असद के इस्तीफ़े और व्यापक राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं. सीरिया में पिछले 40 साल से असद परिवार सत्ता में बना हुआ है और राष्ट्रपति असद ने कुछ राजनीतिक सुधारों का वादा भी किया है.

गिरफ़्तारियाँ, पलायन और कार्रवाई

सोमवार को राजधानी दमिश्क के जोबार ज़िले में बिना किसी स्पष्ट कारण के आम लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

सीरिया के हम्स, हामा, देयर अल-ज़ौर, डेरा, एलीपो और इदलीब शहरों में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है.

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Image caption पिछले 40 साल से सत्ता में बने हुए असद परिवार के ख़िलाफ़ विद्रोह हो रहा है

सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सैनिकों ने लाताकिया में शरणार्थी शिविर और आसपास के इलाक़ों के लोगों से कहा है कि वे या तो वहाँ से भाग जाएँ, नहीं तो उनके साथ दुश्मन जैसा व्यवहार किया जाएगा.

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता क्रिस्टोफ़र गन्नेस ने बीबीसी को बताया कि अल-रामेल ज़िले और आसपास के क्षेत्र से 5000 फ़लस्तीनी शरणार्थियों को भागना पड़ा है.

उनका कहना था, "हमें नहीं पता कि ये लोग कहाँ गए हैं. हमें ये भी नहीं पता कि उन में से कितने लोग घायल है और कितने मरने की कगार पर हैं, कितने बच्चे, महिलाएँ और वृद्ध लोग हैं. स्थिति चिंताजनक है और सीरियाई सरकार को तत्काल हमें वहाँ संपर्क साधने की इजाज़त देनी चाहिए."

उधर सीरिया के पड़ोसी देश तुर्की ने चेतवानी दी है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियो के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा अभियान तत्काल और बिना किसी शर्त के बंद होना चाहिए.

तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा, "यदि ये अभियान बंद नहीं होते तो कुछ नहीं कह सकते कि आगे क्या क़दम उठाए जा सकते हैं."

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