'आर्थिक प्रशासन की वकालत'

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Image caption फ्रांस और जर्मनी यूरोज़ोन को संकट से निकालने की कोशिश में है.

यूरोप में कर्ज़ संकट के मद्देनज़र जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी ने यूरोज़ोन में ‘सही मायनों में आर्थिक प्रशासन’ की वकालत की है.

एक संयुक्त प्रेस वार्ता में एंगेला मर्कल और सारकोज़ी ने यूरोज़ोन में गहरे आर्थिक और वित्तीय नीतियों की अपील की और कहा कि आने वाले समय में एक प्रक्रिया के तहत ऐसा किया जाएगा.

दोनों नेताओं ने वित्तीय लेन देन पर टैक्स लगाकर राजस्व उगाने की बात की.

दोनों नेताओंने ने कहा कि वो चाहते हैं कि यूरोज़ोन के 17 देशों के प्रमुखों की बैठक हो जिसमें इन मुद्दों पर विचार किया जाए.

हालांकि इस सम्मेलन का बाज़ारों पर नकारात्मक असर हुआ है. कई निवेशकों का कहना था कि उन्हें इस सम्मेलन से बड़ी घोषणाओं की उम्मीद थी.

न्यूयॉर्क के डाउ जोंस में इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद 1.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

दोनों नेताओं ने कुछ देशों में एक ही करेंसी लाने की भी वकालत की.

पेरिस में बैठक के बाद हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यूरोज़ोन के 17 देशों में यूरो को करेंसी बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किए जाने की ज़रुरत है.

हालांकि उन्होंने वित्तीय मदद के लिए यूरो बांड जारी करने की संभावनाओं को खारिज़ कर दिया.

फ्रांस के राष्ट्रपति ने यूरोज़ोन के सदस्यों से अपील की कि वो 2012 में अपना बजट घाटा कम करने की कोशिश करें.

उन्होंने अपील की कि सरकारें अपने देशों के संविधान में संतुलित बजट की अवधारणा का समावेश करें और यूरोज़ोन में वित्तीय लेन देन पर टैक्स लगाने जैसे उपाय करें.

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