त्रिपोली के घिरने के आसार, गद्दाफ़ी के बारे में अटकलें

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Image caption लीबिया की सरकार ने शहर और क्षेत्र खोने का खंडन नहीं किया है

लीबियाई विद्रोहियों ने दो पश्चिम और दक्षिण में स्थित दो प्रमुख शहरों में प्रवेश कर लिया है और यदि वे इन पर कब्ज़ा कर लेते हैं तो वे राजधानी त्रिपोली की घेराबंदी कर सकते हैं. लीबियाई के आसपास के समुद्री क्षेत्र पर नैटो सेनाओं का नियंत्रण है.

त्रिपोली से पश्चिमी दिशा में मात्र 30 मील दूर स्थित ज़ाविया और दक्षिण में केवल 50 मील दूर स्थित घारियान में लड़ाई चल रही है.

उधर लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी के प्रतिनिधियों और विपक्षी नेताओं ने ट्यूनिशिया में बातचीत की है.

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस ने बताया है कि विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सोशन नेटवर्किंग साइट्स पर लिखा है कि ये बैठक इस बात पर केंद्रित है कि कर्नल गद्दाफ़ी को लीबिया से बाहर कैसे निकाला जाए.

लेकिन सरकार ने इन बातों को ख़ारिज किया है. उन्होंने उन रिपोर्टों को भी ख़ारिज किया है जिनमें कहा गया है कि दक्षिण अफ़्रीका से दो विमान त्रिपोली पहुँचे है ताकि कर्नल गद्दाफ़ी को निर्वासन में ले जाएँ.

मिस्र के एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार लीबियाई गृह मंत्री और कर्नल गद्दाफ़ी क़रीबी माने जाने वाले नासर अल-माबरूक एक निजी जेट में अपने परिवार को नौ सदस्यों के साथ काहिरा पहुँचे हैं.

फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्होंने कर्नल गद्दाफ़ी का साथ छोड़ दिया है या नहीं.

इस साल मार्च में लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हुई थे जिन्होंने सशस्त्र विद्रोह की शक्ल ले ली. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आम नागरिकों की रक्षा के लिए हवाई कार्रवाई की इजाज़त दी जिसके तहत नैटो ने लीबियाई सेना के अहम ठिकानों पर ख़ासी बमबारी की है.

विद्रोही वर्ष 1969 से सत्ता में बने हुए कर्नल गद्दाफ़ी का इस्तीफ़ा और राजनीतिक सुधार चाहते हैं.

शहर खोने का खंडन नहीं, गद्दाफ़ी का संदेश

सोमवार को विद्रोही कमांडर अब्दुल हामिद इस्माइल ने समाचार एजंसी एएफ़पी को बताया था कि ज़ाविया शहर का अधिकतर भाग उनके कब्ज़े में है. लेकिन वहाँ भीषण लड़ाई की ख़बरें भी आ रही हैं.

विशेष तौर पर त्रिपोली को जाने वाली तटवर्ती सड़क पर लड़ाई चल रही है और निवासियों का कहना है कि गद्दाफ़ी की सेनाएँ भारी बमबारी कर शहर पर दोबारा कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही हैं.

माना जा रहा है कि ज़ाविया की तेल रिफ़ाइनरी पर अब भी सरकारी सेना का नियंत्रण है.

इससे पहले नाफ़ूसा पहाड़ो में स्थित घारियान पर कब्ज़ा करने का दावा किया था.

विद्रोहियों के प्रवक्ता अब्दुल रहमान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "घारियान पर विद्रोहियों का कब्ज़ा है. उन्होंने साहबान ब्रिगेड को कुचल दिया है और उनके हथियार छीन लिए हैं. गद्दाफ़ी अलग-थलग पड़ गए हैं."

बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस के अनुसार, "लीबिया की सरकार इस बात का खंडन नहीं कर रही कि उसने पिछले कुछ दिनों में इलाक़े पर और कुछ अहम शहरों पर नियंत्रण खो दिया है. उसका कहना है कि वह इन क्षेत्रों पर दोबारा कब्ज़ा करने वाली है."

उनके अनुसार, "विद्रोही इस समय त्रिपोली के इतना क़रीब हैं जितना वे पहले कभी नहीं थे. लगता है उन्होंने त्रिपोली को समुद्री रास्ते से बाक़ी की दुनिया से जो़ड़ने वाली सड़क को सील कर दिया है. लेकिन कितना क्षेत्र और कब तक वह उनके कब्ज़े में रहता है, ये स्पष्ट नहीं है. आज सामने आया है कि ट्यूनिशिया में सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई है."

इस सप्ताह के अंत में लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने एक रेडियों संदेश में समर्थकों से कहा था, "शहीदों का ख़ून आपकी जंग को सींचेगा. आप जंग के लिए तैयार हो जाओ."

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