संयुक्त राष्ट्र एक दल सीरिया भेजेगा

  • 19 अगस्त 2011
सीरिया
Image caption दार उल ज़ौर शहर से वापस जाती सीरिया की सेना

संयुक्त राष्ट्र ने फैसला किया है कि वो एक मानवीय मिशन सीरिया भजेगा.

शनिवार को भेजे जानेवाले इस मिशन से सीरिया की हुकुमत ने वादा किया है कि वो देश के किसी भी हिस्से का दौरा कर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र की मानवधिकार मामलों की प्रमुख वैलेरी अमोस का कहना है कि मिशन उन इलाकों में घ्यान केंद्रित करेगा जहां से लड़ाई की ख़बरे हैं.

संयुक्त राष्ट्र पिछले कई हफ़्तों से मानवधिकार पर्यवेक्षकों को सीरिया भेजने की कोशिश कर रहा है.

इससे पहले अमरीका और यूरोप के कई प्रमुख देशों के नेताओं ने राष्ट्रपति बशर अल असद से कहा है कि वो पद छोड़ दें.

सीरिया ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सभी सैनिक कार्रवाई रोक दी गई है. हालांकि इस दावे की कोई स्वतंत्र पुष्ठि नहीं हो पाई है.

संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत बशर जाफ़री ने कहा, "ये एक ज़मीनी सच है, सीरिया में पुलिस और सैन्य कार्रवाई रोक दी गई है."

'सत्ता छोड़ दें'

दुनिया भर के नेताओं ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से पद छोड़ने की अपील की है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अब समय आ गया है कि असद अपना पद छोड़ दें.

बशर अल असद ने सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सेना और टैंकों तक का प्रयोग किया है.

अमरीका के अलावा, ब्रिटेन, जर्मनी और यूरोपीय संघ ने भी असद से मांग की है कि वो अपना पद छोड़ें.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं ने कहा है कि 'सीरिया में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग मानवता के ख़िलाफ़ अपराध' की श्रेणी में आ सकता है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को भेजी एक रिपोर्ट में जांचकर्ताओं ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अपराध कोर्ट में भेजे.

मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि सीरिया में मार्च से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 2000 से अधिक लोग मारे गए हैं. इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सेना, सुरक्षा बल, टैंक, हेलीकॉप्टर, और निशानेबाज़ों का प्रयोग किया गया है.

सीरिया के कई शहरों में प्रदर्शन हुए हैं जिन्हें अत्यधिक बल प्रयोग से कुचला गया है.

राजनीतिक सुधारों का वादा

राष्ट्रपति असद ने इन प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक सुधारों का वादा किया है लेकिन प्रदर्शनों के लिए 'आतंकवादी समूहों' को ज़िम्मेदार ठहराया है.

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने एक लिखित बयान में कहा है, '' सीरिया का भविष्य उसके लोगों को तय करना चाहिए. इस रास्ते में राष्ट्रपति असद रोड़ा बन रहे हैं. बातचीत और सुधारों की उनकी घोषणाएं खोखली हैं. वो एक तरफ ये बयान दे रहे हैं और दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों को जेलों में भरा जा रहा है टार्चर किया जा रहा है.''

अमरीका ने सीरिया के ख़िलाफ़ पहले से ही लगाए गए प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया है.

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Image caption बशर अल असद ने अभी तक पद छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है.

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर राष्ट्रपति असद से मांग की है कि वो पद छोड़ें.

कनाडा के राष्ट्रपति स्टीफन हार्पर ने भी कहा है कि ''सीरिया के राष्ट्रपति असद सीरिया के हित में और लोगों की एकता को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ दें.''

उधर सीरिया के प्रवक्ता ने कहा है कि पश्चिमी देशों की सरकारें सीरिया में तनाव फैलाने की कोशिश कर रही हैं.

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