इतिहास के पन्नों से...

अगर इतिहास के पन्नों को पलटें, तो पाएंगें कि 22 अगस्त के दिन जहां यूक्रेन में एक विमान दुर्घटना में 170 लोग मारे गए थे, वहीं कीनिया के संस्थापक की मौत हो गई थी.

2006: यूक्रेन में रुसी विमान दुर्घटनाग्रस्त, 170 लोगों की मौत

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Image caption विमान में मौजूद सभी यात्रियों की इस दुर्घटना में मौत हो गई थी.

22 अगस्त 2006 के दिन रूस का टुपलोव-154 यात्री विमान पूर्वी यूक्रेन में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसमें सवार सभी 170 लोग मारे गए थे.

मारे गए लोगों में 39 बच्चे भी शामिल थे. इस विमान पर मौजूद अधिकतर यात्री छुट्टियाँ बिताने के बाद वापस लौट रहे थे.

इस हादसे के बाद यूक्रेन और रुस, दोनों देशों ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी.

ये विमान एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल के रडार से अचानक ग़ायब हो गया था जिसके बाद आशंका व्यक्त की जाने लगी थी कि विमान किसी हादसे का शिकार हुआ होगा.

जहां रुसी अधिकारियों का कहना था कि ये हादसा ख़राब मौसम या किसी अन्य गड़बड़ी के कारण हुआ, तो दूसरी ओर यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि विमान में आग लग गई थी और चालक दल ने आपात लैंडिंग की कोशिश की.

1978: कीनिया के संस्थापक की मौत

Image caption जोमो केन्याता ने कीनिया को ब्रितानी राज से स्वतंत्रता दिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी.

इसी दिन 1978 को कीनिया के संस्थापक और राष्ट्रपति जोमो केन्याता की मौत हो गई थी.

एक आधिकारिक सूचना में कहा गया था कि केन्याता की उनकी नींद के दौरान ही मौत हो गई थी.

उनकी मौत से एक दिन पहले ही 89 वर्षीय राष्ट्रपति केन्याता स्वस्थ दिखे रहे थे. उनकी अचानक हुई मौत से लोगों को बहुत बड़ा धक्का लगा था.

उनकी मौत पर शोक जताने के लिए कीनिया की राजधानी नैरोबी और अन्य शहरों में सभी दुकानों और कार्यालयों को बंद कर दिया गया था.

जोमो केन्याता को कीनिया के संस्थापक के रूप में देखा जाता था क्योंकि उन्होंने कीनिया के स्वतंत्रता संघर्ष में बड़ी भूमिका निभाई थी.

उनके योगदान की वजह से 1963 में कीनिया को ब्रितानी राज से आज़ादी मिली थी.

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