इतिहास के पन्नों से

1993 में ल़ॉस एंजेलस पुलिस ने पॉप स्टार माइकल जैक्सन के ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोपों की जांच शुरू की जबकि 1954 में ब्राज़ील के राष्ट्रपति गेटुलियो वर्गास मृत पाए गए थे.

1993: पॉप स्टार माइकल जैक्सन के खिलाफ़ यौन शोषण के आरोपों की जांच

Image caption 2005 में माइकल जैक्सन सभी आरोप से बरी हो गए थे.

आज ही के दिन पॉप स्टार माइकल जैक्सन के ख़िलाफ़ लॉस एंजेल्स पुलिस ने यौन शोषण के आरोपों की जांच शुरू की थी.

हालांकि अधिकारियों ने जांच के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया था लेकिन लगातार आ रही ख़बरों के मुताबिक़ पिछले कुछ दिनों में माइकल जैक्सन के दो घरों की छानबीन हुई थी.

ख़बरों के मुताबिक़ माइकल जैक्सन ने जिस बच्चे से दोस्ती की थी उसके पिता ने आरोप लगाए थे कि जैक्सन ने बच्चे को रिझाने के बाद उसके साथ यौन छेड़ छाड़ की थी.

माना जाता है कि जांचकर्ताओं ने उस अज्ञात बच्चे समेत माइकल जैक्सन के नेवरलैंड रैंच पर आने जाने वाले कई दूसरे युवाओं से पूछताछ की थी.

पूछताछ किए जाने वाले बच्चों में होम एलोन फिल्म के बाल अभिनेता मैकॉले काउलकिन भी शामिल थे.

माइकल जैक्सन उन दिनों थाईलैंड के दौरे पर थे और उनके वकील ने जैक्सन की तरफ़ से बयान जारी कर कहा था कि उन्हें क़ानून व्यवस्था और जांचकर्ताओं पर पूरा यक़ीन है और जांच के नतीजे जैक्सन की बेगुनाही साबित करेंगे.

माइकल जैक्सन के वकील ने कहा था कि लगभग हर वर्ष जैक्सन को ब्लैकमेल करने के इरादे से इस तरह के क़रीब 30 मामले सामने आते हैं.

लंबी चली कार्रवाई के बाद आख़िरकार 2005 में माइकल जैक्सन इन सभी आरोपों से बरी हो गए थे.

1954: ब्राजील के राष्ट्रपति गेटुलियो वर्गास मृत पाए गए

आज ही के दिन गहराते हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच इस्तीफ़ा देने के बाद ब्राज़ील के राष्ट्रपति गेटुलियो वर्गास ने आत्महत्या कर ली थी.

Image caption गेटुलियो वर्गास के पुत्र को उनका शव अपने निजी आवास में पड़ा मिला.

सुबह साढ़े आठ बजे के क़रीब गेटुलियो वर्गास के पुत्र को उनका शव अपने निजी आवास में पड़ा मिला था.

गेटुलियो वर्गास ने अपने सीने पर गोली दाग़ कर आत्महत्या की थी और उनका शव बरामद होने के दो घंटे बाद ही उनका सुसाईड नोट राष्ट्रीय रेडियो पर पढ़ कर प्रसारित किया गया.

इस सुसाईड नोट में उन्होंने शिकायत की थी कि ब्राज़ील के लोगों को 'आज़ादी' दिलाने के उनके प्रयास विदेशी ताकतों के चलते विफल रहे थे.

साथ ही उन्होंने इन विदेशी ताक़तों पर ब्राज़ील की बिगड़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार होने के भी आरोप लगाए थे.

राष्ट्रपति गेटुलियो वर्गास की मृत्यु ऐसे समय पर हुई थी जब ब्राज़ील में असंतोष की भावना बढ़ी हूई थी.

मुद्रस्फीति चरम पर थी और भत्तों में वृद्धि, बढ़ती हुई महंगाई से कहीं कम हो रही थी.

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