सत्ता या शहादत: गद्दाफ़ी

  • 24 अगस्त 2011
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Image caption लीबिया की राजधानी त्रिपोली में विद्रोही गद्दाफ़ी की मूर्ती पर अपना गुस्सा निकालते हुए

गृह युद्ध ग्रस्त लीबिया के सर्वोच्च नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी ने एक संबोधन में वादा किया है कि उन्हें और उनके लड़ाकों को नैटो के ख़िलाफ़ लड़ाई में या तो जीत हासिल होगी या शहादत.

एक गद्दाफ़ी समर्थक टीवी चैनल का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी ने एक स्थानीय रेडियो स्टेशन पर भाषण देते हुए यह दावा किया है कि गद्दाफ़ी परिसर के नाम से पहचाने जाने वाले अपने ठिकाने से वो एक रणनीतिक चाल के तौर निकल गए हैं.

गद्दाफ़ी के ठिकाने का अब तक नैटो या देश के ज़्यादातर हिस्से पर काबिज़ विद्रोहियों को कोई सुराग़ नहीं है.

अल उरुबा नाम के इस टीवी चैनल ने गद्दाफ़ी सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहिम के साथ एक टेलिफ़ोन पर लिया गया एक इंटरव्यू भी दिखाया है. इब्राहिम ने इस इंटरव्यू में कहा है कि विद्रोहियों के पैरों तले लीबिया एक ज्वालामुखी की तरह फट पड़ेगा.

परिसर पर कब्ज़ा

लीबिया में विद्रोही सैनिक राजधानी त्रिपोली में कर्नल गद्दाफ़ी के निवास स्थान बाब-अल अज़ीज़िया के परिसर में दाख़िल हो गए थे.

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Image caption गद्दाफ़ी विरोधी राजधानी त्रिपोली पर अपने कब्ज़े का जश्न मनाते हुए

टीवी पर दिखाई जा रही तस्वीरों के मुताबिक़ विद्रोहियों ने बाब-अल अज़ीज़िया परिसर में मौजूद कर्नल गद्दाफ़ी की एक मूर्ति को तोड़ दिया और उसे ज़मीन पर गिराकर उसे अपने पैरों से मारा.

विद्रोहियों ने उसी परिसर में मौजूद एक जाने माने प्रतीक को भी तोड़ दिया जिसमें एक अमरीकी लड़ाकू जहाज को सुनहरे रंग के मुठ्ठी में जकड़े हुए दिखाया गया था.

अस्सी के दशक में कर्नल गद्दाफ़ी के परिसर में अमरीकी हवाई हमले की याद में उस प्रतीक को बनाया गया था और कर्नल गद्दाफ़ी जब भी अपने लोगों को कोई संदेश देते थे वे उसी जगह से देते थे.

विद्रोहियों का दावा है कि राजधानी त्रिपोली पर उनका पूरी तरह नियंत्रण है हालाँकि कुछ इलाक़ों में गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिक अब भी विद्रोहियों को चुनौती दे रहें है और भीषण लड़ाई जारी है.

इससे पहले मंगलवार की सुबह भारी हथियारों से लैस विद्रोही सैनिक ट्रकों में भरकर त्रिपोली में दाख़िल हुए और बाब-अल अजीज़िया परिसर पर हमला कर दिया.

विद्रोहियों को बहुत ज़्यादा विरोध का सामना नही करना पड़ा और कुछ घंटों के बाद विद्रोही परिसर में दाख़िल होने में कामयाब हो गए.

विद्रोहियों ने हवा में गोली चलाकर अपनी जीत का ऐलान किया.

गद्दाफ़ी परिसर

बाब-अल अज़ीज़िया परिसर में सैनिकों की इमारत, कर्नल गद्दाफ़ी का मुख्य निवास स्थान, एक पुस्तकालय और कई सरकारी दफ़्तर हैं.

कहा जाता है कि बाब-अल अज़ीज़िया परिसर में बहुत सारी सुरंगें हैं जिनसे शहर के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर जाया जा सकता है.

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Image caption त्रिपोली में एक महिला अपने हाथ पर 'आज़ाद लीबिया' लिख कर ख़ुशी का इज़हार करते हुए

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी संवाददाता राणा जवाद का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी के शासन का लगभग अंत हो गया है लेकिन विद्रोही उस वक्त तक अपनी जीत की खुशी नहीं मनाएंगे जब तक कर्नल गद्दाफ़ी और उनके परिवार के लोग नहीं पकड़े जाते.

त्रिपोली में स्थित रिकोस होटल के आस पास के इलाक़े में भी गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों का क़ब्ज़ा है. इसी होटल में ज्यादातर विदेशी पत्रकार ठहरे हुए हैं.

गद्दाफ़ी के पैतृक शहर सिर्ते के बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. इस तरह की ख़बरें आ रहीं हैं कि गद्दाफ़ी के समर्थक सैनिक त्रिपोली छोड़कर सिर्ते में एकत्रित हो रहें हैं और इस तरह की अफ़वाहें भी हैं कि कर्नल गद्दाफ़ी सिर्ते चले गए हैं.

विद्रोही रविवार की देर रात राजधानी त्रिपोली में दाख़िल हो गए थे लेकिन कुछ देर के बाद उन्हें कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिकों से कड़ी चुनौती मिली थी और सोमवार को उन्हें कई मोर्चों से पीछे हटना पड़ा था.

कर्नल गद्दाफ़ी के 40 साल से भी ज़्यादा दिनों की सत्ता के खि़लाफ़ इस साल फ़रवरी में विद्रोह शुरू हुआ था. विद्रोहियों ने पूर्वी शहर बेनग़ाज़ी पर फ़ौरन ही क़ब्ज़ा कर लिया था और कुछ ही दिनों में उन्होंने पश्चिमी इलाक़े में भी कुछ शहरों पर अपना नियंत्रण क़ायम कर लिया था.

कुछ ही दिन बाद संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित कर लीबिया में आम नागरिकों की हिफ़ाज़त के लिए नैटो को हवाई हमले करने की इजाज़त दी थी.नैटो के हवाई हमले के कारण कर्नल गद्दाफ़ी की सैन्य शक्ति को काफ़ी नुक़सान हुआ था जिसके कारण विद्रोहियों को अपने सैन्य अभियान में काफ़ी मदद मिली थी.

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