इतिहास के पन्नों से

इतिहास के पन्नों को पलटें तो पाएंगे कि अगस्त 25 के ही रोज़ फ़्रांस चार साल बाद नाज़ी जर्मनी की ग़ुलामी से मुक्त हुआ था. इसी दिन मानव निर्मित उपग्रह ने खरबों मील दूर वरुण ग्रह की कक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई थी. इसी रोज़ मुंबई में हुए दो कार धमाकों में कम से कम 44 लोग मारे गए थे.

1944 : फ़्रांस जर्मन ग़ुलामी से मुक्त

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Image caption जर्मन सेनाओं को पेरिस से भागने वालों का भव्य स्वागत हुआ

चार साल तक हिटलर की सेनाओं के कब्ज़े में रहने के बाद फ़्रांस के सैनिक जनरल फ़िलिप लेक्लयर के नेतृत्व में फ़्रांस की राजधानी पेरिस में पुनः दाखिल हुए थे. सड़कों के दोनों तरफ खड़े पेरिसवासियों ने फ़्रांसिसी सैनिकों और उनके साथ जर्मनी से लड़ने वाले विजयी अमरीकी व अन्य मित्र राष्ट्रों के सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया.

स्थानीय समय के अनुसार क़रीब सात बजे आज़ाद फ़्रांस के नेता जनरल चार्ल्स डी गॉल ने देशवासियों को संबोधित किया. जनरल गॉल लंदन में निर्वासन का जीवन बिता रहे थे. संबोधन में उन्होंने कहा, " मैं बस तहे दिल से कहना चाहता हूँ की - पेरिस ज़िंदाबाद."

उन्होंने कहा कि फ़्रांस तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक कि वो अपने दुश्मन को उसकी ज़मीन में पराजित नहीं कर देता.

फ़्रांस में जर्मन सेनाओं के सेनापति जनरल कोलित्ज़ को हिटलर ने आदेश दिया था कि वो हार की प्रबल संभावनाओं से जूझ रहे पेरिस शहर को नेस्तनाबूद कर दें. लेकिन पेरिस में स्वीडन के राजदूत के प्रयासों से जनरल कोलित्ज़ हिटलर की हुक्मउदूली के लिए राज़ी हो गए और उन्होंने शहर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए समर्पण कर दिया.

1989 : मानवनिर्मित उपग्रह वरुण की कक्षा में पहुंचा

Image caption वरुण पृथ्वी से भी दो खरब मील से भी ज़्यादा दूरी पर मौजूद है.

इसी दिन मानव निर्मित उपग्रह वॉयजर द्वितीय सूर्य की परिक्रमा कर रहे दूरस्थ ग्रह वरुण यानि नेप्चून के कक्षा में जा पहुंचा था.

इस यान ने सफलता पूर्वक वरुण ग्रह और उसकी परिक्रमा कर रहे प्राकृतिक उपग्रहों की तस्वीरें भी भेजना शुरू कर दिया. वरुण सूर्य की परिक्रमा कर रहे ग्रहों में से केन्द्र से सबसे दूर है. यह पृथ्वी से भी दो खरब मील से भी ज़्यादा दूरी पर मौजूद है.

वैज्ञानिकों ने इसे सदी की महानतम यात्रा करार दिया. वॉयजर द्वितीय इसके पहले गुरु, शनि और अरुण यानि यूरेनस ग्रह की तस्वीरें भी भेज चुका है.

पर वॉयजर उपलब्धियों में यह अब तक की सबसे महानतम उपलब्धि है. वैज्ञानिकों ने पाया की वरुण की नीली आभा उसके वातावरण में चारों तरफ़ मौजूद मीथेन गैस की वजह से है. इसके अलावा इसकी कक्षा में मौजूद छह चांदों की भी पहचान की गई.

यूँ तो वॉयजर द्वितीय को महज़ पांच सालों के लिए बनाया गया था लेकिन यह आज तक वैज्ञानिकों के संपर्क में हैं और हमारे से सौर मंडल से बाहर अपनी अंतहीन यात्रा पर चला जा रहा है.

2003 : मुंबई में दो कार धमाकों में कम से कम 44 मरे

Image caption भारत ने मुंबई में इन टैक्सी धमाकों के पीछे पाकिस्तान के होने का शक ज़ाहिर किया

आज ही के दिन मुंबई में हुए दो बड़े कार बम धमाकों ने पूरे भारत को दहला दिया था. दोनों धमाकों के बीच बस कुछ ही मिनटों का अंतराल था. पहला धमाका ताज महल होटल के बाहर गेट वे ऑफ़ इंडिया के बाहर हुआ. दूसरा धमाका भीड़भाड़ भरे ज़वेरी बाज़ार के बाहर हुआ.

दोनों धमाके बारूद से भरी टैक्सियों के ज़रिये किये गए थे. इन धमाकों में कम से कम 44 लोग मारे गए और क़रीब 150 लोग घायल हो गए. यह दोनों धमाके दोपहर में उस वक़्त किए गए जब लोग अपने काम काज के बीच में भोजनावकाश लेते हैं और सड़कें लोगों से भरी होती हैं.

यूँ तो इस धमाके के फ़ौरन बाद किसी ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं कुबूल की लेकिन दिल्ली में बैठे लोगों को पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी चरमपंथी गुट लश्कर ए तोयबा पर शक हुआ.

पाकिस्तान ने फ़ौरन इन धमाकों की निंदा की और पर उसके प्रवक्ता ने बातों बातों में कहा कि इन धमाकों के पीछे वो लोग हो सकते हैं जो कि अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद ढाँचे के गिराए जाने से नाराज़ हैं.

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