इतिहास के पन्नों से

इतिहास में आज का दिन कई कारणों से याद किया जाएगा. आज ही के दिन मार्टिन लूथर किंग ने नस्ली भेदभाव मिटाकर आपसी सौहार्द का आह्वान किया और जर्मनी के एक दंपत्ति पर जासूसी का आरोप लगा था.

किंग ने नस्ली सौहार्द का आह्वान किया

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Image caption मार्टिन ने लोगों से समानता के उजाले में आने का आह्वान किया

साल 1963 में आज ही के दिन मार्टिन लूथर किंग ने हज़ारों की संख्या में जुटे अमरीकियों को संबोधित करते हुए नस्ली असमानता को दूर करने की बात कही थी. यह एक ऐतिहासिक भाषण माना जाता है जो रंगभेद के खिलाफ़ लड़ाई में मील का पत्थर साबित हुआ.

इस भाषण से अमरीका में नस्लभेद मिटाने के लिए लड़ रहे लोगों की मुहिम को और बल मिला था और ऐसा समझा जा रहा था यह आंदोलन जीत के क़रीब पहुंच रहा था.

वॉशिंगटन के लिंकन मेमोरियल में नागरिक अधिकारों का समर्थन कर रहे 250,000 प्रदर्शनकारियों को जब लूथर ने संबोधित किया लोगों ने बड़े जोश से उनका स्वागत किया.

उन्होंने लोगों से नस्लभेद के अंधकार और उदासी भरे अलगाव जीवन से बाहर आकर समानता के उजाले में आने का आह्वान किया.

ब्लेयर ने हटन को सबूत दिए

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Image caption ब्लेयर ने हटन आयोग के सामने बीबीसी की रिपोर्ट का खंडन किया

आज ही के दिन साल 2003 में ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने हथियार विशेषज्ञ डॉक्टर डेविड केली की मौत के सिलसिले में जांच कर रही टीम से कहा था अगर इस मामले पर आई बीबीसी की रिपोर्ट सही निकलती है तो उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ेगा.

बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया था कि इराक़ पर हमले के लिए तैयार किए गए दस्तावेज़ों में सरकार ने ख़ुफ़िया जानकारियों को बढ़ा चढ़ाकर बताया था.

इस मामले की जांच हटन आयोग कर रहा था. डॉक्टर केली की आत्महत्या के बाद उठे सवाल के बाद ब्लेयर आयोग के समक्ष पेश हुए और इस मामले पर सबूत पेश किए.

डॉक्टर केली अपने घर में मृत पाए गए थे.

29 मई को बीबीसी पत्रकार एड्रयू गिलीगन ने रेडियो फोर के टुडे प्रोग्राम में सूत्रों के हवाले से कहा था कि सरकार का ये दावा ग़लत है कि इराक़ में महाविनाश के हथियार 45 मिनट में तैयार किए जा सकते है.

ब्लेयर ने रिपोर्ट के दावों का खंडन करते हुए , आरोपों को गंभीर बताया था.

जर्मनी के दंपत्ति पर जासूसी के आरोप

साल 1985 में इसी दिन पूर्वी जर्मनी के एक दंपति पर सरकारी गोपनीयता कानून के आरोप लगाकर उन्हें लंदन की अदालत में पेश किया गया था.

रेनहार्ड और सोन्जा स्कूल्ज़ पर ये आरोप लगे थे कि उन्होंने जनहित के लिए अहम माने जाने वाले दस्तावेज़ों को अपने पास रखा.

साथ ही उन पर ये भी आरोप लगे कि उन्होंने ब्रिटेन में रहने की अनुमति लेने के लिए झूठ बोला.

32 साल के रेनहार्ड किचन डिज़ाइनर का काम करते थे तो वहीं सोनिया स्कूल्ज एक तकनीकी अनुमोदक के काम कर रही थीं.

इस दंपति को विशेष ब्रॉच अफ़सर ने कई हफ़्तों की निगरानी के बाद गिरफ़्तार किया था.