इतिहास के पन्नों से

  • 29 अगस्त 2011

इतिहास के पन्नों को पलटें तो 29 अगस्त को ही ब्रिटेन की जुड़वा बहनों का सौंवा जन्मदिन मनाया गया था और जर्मनी में एक नव-नाज़ीवादी रैली हिंसक हो उठी थी.

1986: ब्रिटेन की दो जुड़वां बहनें 100 साल की हुईं

Image caption दोनों बहनों को महारानी की ओर से बधाई संदेश भेजा गया.

ब्रिटेन की दो हमशक्ल जुड़वा बहनों के 100 साल पूरे होने पर महारानी ने उन्हें संदेश भेजकर बधाई दी.

दोनों बहनों - मे और मरजोरी शवास ने अपने सौवें जन्मदिन पर एक साझा बर्थ-डे पार्टी का आयोजन किया था जिसमें उनके परिवार की चार पीढ़ियों के लोग शामिल थे.

इस पार्टी में पांच साल के विलियम और विवियन हॉल भी शामिल थे जो मरजोरी और मे के बाद परिवार में जन्मा दूसरा जुड़वा जोड़ा था.

हमशक्ल जुड़वा लोगों के सौ साल से ज़्यादा उम्र तक जी पाने की संभावना बहुत कम होती है और 70 करोड़ लोगों में एक ऐसा जोड़ा हो सकता है जो इतने दिनों तक जी सकता है.

1992: जर्मनी में नस्लभेदी रैली में हिंसा

Image caption नव-नाज़ीवादियों ने शरणार्थियों पर कई हमले किए थे.

जर्मनी में शरणार्थियों के ख़िलाफ़ दक्षिणपंथियों के हमलों के ख़िलाफ़ हुई एक रैली बाद में हिंसक हो उठी और पुलिस के साथ भिड़ गई.

वामपंथी दलों की रॉकस्टाक शहर में आयोजित रैली में 15,000 लोग जमा हो गए थे.

ये उन दसियों रैलियों में से एक थी जो उस दिन नव-नाज़ीवादियों के ख़िलाफ़ जर्मनी में आयोजित की गई थीं.

हालांकि शुरू में ख़राब मौसम की वजह से लग रहा था कि किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने पुलिस पर धुंए वाले बम, पत्थर और बोतलें फ़ेकनी शुरू कर दीं.

पुलिसकर्मी लोगों पर पानी की तेज़ बौछारें फेंकने लगे और बाद में लाठी चार्ज भी हुआ.

क़रीब 75 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

ये प्रदर्शन नव-नाज़ीवादियों के एक होटल में आग लगाने के एक हफ़्ते बाद शुरू हुआ था.

पुलिस पर आरोप था कि उसने नव-नाजीवादियों के ख़िलाफ़ कुछ नहीं किया था.

पूरे जर्मनी में शरणार्थियों के विरोध में इसी तरह के कई हमले हुए.

2005: न्यू ओरलियंस में तूफ़ान कैटरीना

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Image caption लोगों ने एक स्टेडियम की छत पर पनाह ली थी.

न्यू ओरलियंस में तेज़ हवा और बरसात के साथ तूफ़ान आया जिसमें कुछ नीचे इलाक़ों में पानी की लहरे छह फुट ऊपर उठ रही थीं.

तूफ़ान ने बिजली के खंभो को डूबो दिया जिसके कारण बिजली की कमी हो गई.

तूफ़ान इतना तेज़ था कि एक पूरा स्टेडियम इसमें बह गया जिसकी छत पर लोगों ने पनाह ले रखी थी.

मिसीसिपी और अलाबामा में भी ज़बरदस्त तूफ़ान आया था हालांकि वो भीतरी इलाक़ों में पहुंचते-पहुंचते कुछ धीमा हो गया था लेकिन फर भी हवा की रफ़्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटे थी.

लोगों का कहना है कि ऊंचे भवनों से पानी झरनों की तरह नीचे को जा रहा था.

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