सीरिया: कई शहरों पर टैंकों से कार्रवाई

  • 29 अगस्त 2011
तुर्की में सीरियाई प्रदर्शनकारी इमेज कॉपीरइट BBC World Service

कई सीरियाई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई हो रही है और देश के मध्य भाग में स्थित रास्तान शहर को सैनिकों ने टैंकों से घेर लिया है.

हम्स शहर के उत्तर में स्थित रास्तान में नागरिकों ने फ़ौज की ओर से मशीनगनों का इस्तेमाल करते हुए भारी बमबारी की ख़बरें दी हैं.

ट्यूनिशिया और मिस्र में इस साल फ़रवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद मार्च में सीरिया और लीबिया में भी विद्रोह शुरु हो गया था.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मार्च से लेकर अब तक सरकारी फ़ौजों की कार्रवाई में लगभग 2200 सीरियाई विद्रोही मारे गए हैं.

विद्रोही व्यापक राजनीतिक सुधारों और राष्ट्रपति बशर अल-असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. बशर अल-असद का परिवार पिछले लगभग 40 साल से सीरिया में सत्ता में बना हुआ है.

अधिकतर विदेशी मीडिया संस्थाओं और पत्रकारों को सीरिया में दाख़िल होने की इजाज़त नहीं है और वहाँ से मिल रही जानकारी की पुष्टि कर पाना बहुत मुश्किल है.

कई नगरों पर धावा बोला

रास्तान में भीषण सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए हैं और पर्यवेक्षकों का कहना है कि सरकारी सेना के दमन के बावजूद वहाँ सरकार विरोधी गतिविधियाँ जारी हैं.

एक निवासी ने रॉयटर्स को फ़ोन पर बताया, "राजमार्ग के दोनों ओर टैंकों को तैनात किया गया और फिर लंबे समय तक मशीनगनों से फ़ायरिंग होती रही."

अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक रास्तान को इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि वहाँ हाल में फ़ौज से अलग होकर कई सैनिक सरकार के विरोधियों के साथ मिल गए थे.

अनेक लोग शहर छोड़कर भाग गए हैं.

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Image caption असद का परिवार लगभग 40 साल से सत्ता में है

उधर उत्तर-पश्चिमी इलाक़े में टैंकों का सहारा लेते हुए कई सैनिकों ने इदलीब प्रांत के सारमिन शहर पर धावा बोल दिया है. सैनिक मुख्य बाज़ार में तैनात है और आने-जाने वाले लोगों पर अचानक गोलीबारी कर रहे हैं.

पूर्व में देयर एज़-ज़ोर और पश्चिम में लेबनानी सीमा के पास भी सैन्य कार्रवाई हो रही है.

अंतरिम राष्ट्रीय परिषद का गठन

तुर्की की राजधानी अंकारा में सीरियाई विपक्षी नेताओं ने बैठक की है और एक अंतरिम राष्ट्रीय परिषद के गठन की घोषणा की है.

बेरूत में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम मोयर के मुताबिक ऐसा विद्रोह को राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने के मक़सद से किया गया है.

इस परिषद में 94 सदस्य होंगे और इनमें से कई नेता अब भी सीरिया के भीतर मौजूद हैं.

रविवार को घोषणा की गई कि अरब लीग के महासचिव नबील अल-अरबी सीरिया जाएँगे और इस संकट का हल खोजने के लिए बातचीत करेंगे.

उधर तुर्की के नेताओं ने सीरियाई नेतृत्व, विशेष तौर पर बशर अल असद की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि वे तत्काल इस हिंसा को ख़त्म करें और सीरियाई लोगों की मांगें मानें.

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