इतिहास के पन्नों से

  • 3 सितंबर 2011

तीन सितंबर को रूस के बेसलान में लोगों को चरमपंथियों से छुडाने की कारवाई में क़रीब 200 लोग मारे गए थे जिनमे ज़्यादातर बच्चे थे. इसी दिन स्विस एयर के एक जहाज़ के समुद्र में गिरने से 229 लोग मारे गए. इसी रोज़ फ़िलिपीन्स में आए एक तूफ़ान में हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी.

2004 : रूस में अपहरण संकट का खू़नी अंत

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Image caption अपहरणकर्ताओं के भागते हुए बच्चों की पीठों पर गोलियां चलाईं

तीन दिन से अपहरणकर्ताओं के कब्ज़े से एक रुसी सैनिकों ने स्कूल मुक्त कराया था. मुक्त कराने की इस कारवाई में कम से कम 200 लोग मारे गए थे जिनमे ज़्यादातर स्कूली बच्चे थे.

अपहरणकर्ताओं ने भागते हुए बच्चों पर गोलियां चलाईं. बहुत से बच्चों के बदन पर तो कपड़े भी नहीं थे वो डर से चीख रहे थे, रो रहे थे.

बाकी लोग तब मारे गए जब अपहरणकर्ताओं में से एक औरत ने ख़ुद को बारूद की जैकेट से उड़ा लिया. जिस जगह पर उसने अपने आप को उड़ाया उस जगह पर क़रीब 1000 लोग मौजूद थे.

बच्चों को छुडाने के लिए चलाया गया रूसी अभियान शाम को समाप्त हो गया. राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने माना कि अभियान को ठीक ढंग से अंजाम नहीं दिया गया.

जो बच्चे इस हादसे के बाद बच गए उन्होंने बताया कि किस तरह से अपहरणकर्ताओं ने उन्हें कपड़े उतार कर रहने को मजबूर किया और किस तरह से पानी की कमी के चलते उन्हें उन्हीं का पेशाब पीने पर मजबूर किया गया.

1998 : स्विस एयर हादसे में 229 की मौत

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Image caption इस हादसे में जहाज़ पर सवार सभी लोग मारे गए थे

स्विस एयर का न्यूयॉर्क से जेनेवा जा रहा हवाई जहाज़, नोवा स्कोटिया के पास समुद्र में गिर गया. इस जहाज़ ने हादसे के महज़ एक घंटे पहले ही उड़ान भरी थी.

जांच के बाद पता लगा कि जहाज़ के कॉकपिट की वायरिंग में किसी ख़ामी की वजह से जहाज़ में आग लग गई और यह हादसा हुआ.

कनाडाई अधिकारियों ने तत्काल ही एक बचाव अभियान शुरू कर दिया लेकिन इस हादसे में कोई भी ना बच पाया.

जांच में पता लगा कि जहाज़ के पायलट ने केबिन में धुएं की शिकायत से नज़दीकी हवाईअड्डे को अवगत कराया था. हवाई अड्डे के नियंत्रण कक्ष ने जहाज़ को पास ही में हैलीफैक्स अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर जाने को कहा लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी.

ज़मीन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि जहाज़ में पहले कुछ आवाज़ें आईं और फिर धमाके के साथ उसमे आग लग गई.

1984 : फिलिपीन्स में चक्रवात ने हज़ारों जाने लीं.

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Image caption इस तूफ़ान के प्रभाव से 4500 से ज़्यादा लोग मारे गए थे

दक्षिण फिलिपीन्स में आये एक भयानक तूफ़ान की वजह से इसी दिन क़रीब 1300 मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे. हवाओं की रफ़्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक मापी गई.

यह तूफ़ान दो रोज़ पहले शुरू हुआ था. बाद में जारी आकंड़ों के अनुसार इस तूफ़ान के प्रभाव से 4500 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और क़रीब 20 लाख लोग बेघर हो गए थे.

देश के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस ने घोषणा की कि उन्होंने 40 लाख डॉलर तत्काल राहत के लिए अलग निकाल लिए हैं लेकिन उन्होंने बाहरी मदद के तमाम प्रस्ताव ठुकरा दीए. राष्ट्रपति के इस कदम की उनके विरोधियों ने बहुत निंदा की.

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