तुर्की ने इसराइली राजदूत को निकाला

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Image caption इसराइल का कहना है कि कमांडो के पहुँचते ही कुछ कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था

पिछले वर्ष गज़ा जा रहे एक जहाज़ी बेड़े पर हमले के लिए माफ़ी मांगने से इनकार करने पर तुर्की ने इसराइली राजदूत को निष्कासित कर दिया है और उसके साथ अपने सभी सैन्य समझौते रद्द कर दिए हैं.

तुर्की का ये फ़ैसला संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के लीक होने के बाद आया है.

इस रिपोर्ट में बताया गया था कि गत वर्ष मई में सहायता सामग्री लेकर जा रहे जहाज़ी बेड़े पर हमले के लिए इसराइल ने बडी़ संख्या में सैनिकों का उपयोग किया था.

इस हमले में नौ तुर्की कार्यकर्ता मारे गए थे.

तुर्की के विदेश मंत्री अहमत दाउतआवलू ने कहा है, "अब समय आ गया है जब इसराइल को अपने ग़ैरक़ानूनी कार्रवाइयों की क़ीमत चुकानी होगी."

इसराइल ने माफ़ी मांगने से इनकार करते हुए कहा है कि उसके सैनिकों ने जो कुछ किया वह आत्मरक्षा में किया.

इसराइली सरकार के अधिकारियों ने बीबीसी से कहा, "किसी भी अन्य देश की तरह इसराइल का यह वैधानिक अधिकार है कि वह अपने नागरिकों और सैनिकों की रक्षा करे."

रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की लीक हुई रिपोर्ट न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई है. इसमें कहा गया है कि इसराइली सेना को जब तुर्की के नेतृत्व में गज़ा जा रहे जहाज़ी बेड़े का पता चला तो उसने भारी भरकम फ़ौज का प्रयोग किया.

ये जहाज़ी बेड़ा मई, 2010 में इसराइली रोक के बावजूद गज़ा जा रहा था.

इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जहाज़ों के लिए गज़ा का रास्ता रोकना भी क़ानूनी था और इसी बात ने तुर्की को नाराज़ कर दिया है.

लीक रिपोर्ट के अनुसार इसमें कहा गया है, "तुर्की और इसराइल को जल्दी ही अपने राजनयिक संबंध बहाल कर लेने चाहिए. दोनों के बीच रिश्ते में सुधार मध्य पूर्व के स्थायित्व और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ज़रुरी है."

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार तुर्की के राष्ट्रपति अब्दुल्लाह गुल ने टेलीविज़न पर कहा, "ये रिपोर्ट हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता."

उल्लेखनीय है कि जहाज़ी बेड़े पर हमले के तुरंत बाद ही तुर्की ने इसराइल से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था.

समय समाप्त

इस्तांबुल में बीबीसी के संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि पिछले साल हुई इस घटना के बाद से ही तुर्की और इसराइल के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे लेकिन अब ये सबसे ख़राब स्थिति में पहुँच गए हैं.

तुर्की ने इसराइली राजदूत को निकालने की घोषणा ऐसे समय में की जब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट प्रकाशित होने में कुछ ही घंटों का समय शेष था.

गुरुवार को विदेश मंत्री दाउतआवलू ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ही इसराइल के लिए समय सीमा थी कि वह तब तक अपने किए के लिए माफ़ी मांग ले.

उन्होंने कहा है, "दोनों देशों के बीच संबंध अब दूतावास के सेकेंड सेक्रेटरी के स्तर तक सीमित रह गए हैं और इससे ऊपर के स्तर के सभी अधिकारियों को बुधवार तक अपने-अपने देशों को लौट जाना चाहिए."

गज़ा पर नियंत्रण करने वाले चरमपंथी गुट हमास ने तुर्की के इस क़दम का स्वागत किया है.

हमास के प्रवक्ता समी अबु ज़ुहरी ने कहा, "आज़ादी के जहाज़ी बेड़े के ख़िलाफ़ इसराइली अपराध के लिए ये एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है."

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