बुशेहर रिएक्टर जुड़ा ग्रिड से

  • 4 सितंबर 2011
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Image caption ईरान का यह संयंत्र कई वर्षों के बाद काम शुरु कर चुका है

ईरान का पहला परमाणु संयंत्र देश के बिजली ग्रिड से जुड़ गया है.

ईरान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बुशेहर परमाणु संयंत्र देश के मुख्य बिजली ग्रिड से शनिवार को जोड़ दिया गया है.

ईरान का मुख्य बिजली ग्रिड 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन करता है और बुशेहर का परमाणु संयंत्र 60 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराएगा.

संयंत्र का काम मई महीने में ही कम स्तर पर शुरु हुआ था जिसके बाद इसराइल और कुछ अन्य देशों ने चिंता जताई थी कि इसकी मदद से ईरान अपने परमाणु हथियारों का विकास कर रहा है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए का कहना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जड़े उपकरणों पर गुप्त रुप से काम कर रहा है और इस बात से वो ‘बेहद चिंतित’ हैं.

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि बुशेसर परमाणु संयंत्र शनिवार को नेशनल ग्रिड से जोड़ा गया है.

ईरान लगातार कहता रहा है कि इसका इस्तेमाल शांतिपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा.

बुशेहर परमाणु संयंत्र का निर्माण सत्तर के दशक में ही शुरु हुआ था लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद इसका काम रोक दिया गया था. नब्बे के दशक में एक बार फिर रुस की मदद से इस संयंत्र का निर्माण शुरु किया गया.

अमरीका और पश्चिमी देश लगातार रुस से कहते रहे हैं कि वो इस संयंत्र का काम छोड़े क्योंकि ईरान इस संयंत्र का इस्तेमाल परमाणु कार्यक्रमों के लिए कर सकता है.

फरवरी के महीने में ईरान को संयंत्र से तकनीकी कारणों से परमाणु ईंधन हटाना पडा था.

कुछ समय बाद पश्चिमी देशों और ईरान में यह समझौता हुआ कि ईरान इस्तेमाल किया जा चुका परमाणु ईंधन रुस को दे देगा.

हालांकि आईएईए ने फरवरी में कहा था कि ईरान समझौतों की कई बातों को नहीं मान रहा है.

आईएईए की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ऐसी कई बाध्यताओं को नहीं मान रहा है जिसके तहत उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक लग रही थी.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी भी छह पश्चिमी देशों और ईरान के बीच वार्ताएं हो रही हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान पर प्रतिबंध लगा रखे हैं क्योंकि ईरान ने परमाणु संवर्धन पर लगी रोक को मानने से इंकार कर दिया था.

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