मंहगाई पर इसराइल में भारी विरोध प्रदर्शन

बढ़ती मंहगाई और मंहगे जीवन स्तर को लेकर पूरे इसराइल के अलग-अलग शहरों में आम जनता ने कम से कम चार लाख की भारी तादाद में इक्ठ्ठे होकर व्यापक विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया हैं.

सबसे बड़ी रैली तेल अवीव में हुई जहाँ से दो महीने पहले विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरु हुआ था. तेल अवीव के अलावा येरूशलम और कई अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए हैं.

प्रदर्शनकारी सस्ते मकान, करों में कटौती, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम लोगों तक मुफ्त शिक्षा की पहुँच बढ़ाने की माँग कर रहे हैं. अधिकतर प्रदर्शनकारी मध्यम वर्ग से आते हैं

मंहगाई की मार

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आर्थिक वृद्धि का लाभ लोगों तक समान रुप से पहुँचना चाहिए.

एक छात्र संघ के नेता इत्सिक शमुली ने भीड़ से कहा कि वो यहाँ सरकार को ये दिखाने आए हैं कि हमारा आंदोलन कमज़ोर नही पड़ रहा है और इसराइली जनता निष्पक्ष औऱ बेहतर समाज के लिए संघर्ष जारी रखेंगी.

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि ऐसे सभी लोग जो अमीर नही हैं, चाहे वो किसी भी धर्म के हों, बूढ़े या जवान हों, सबका मानना है कि इस देश का युद्ध क्षेत्र अर्थ व्यवस्था है और सरकार सिर्फ़ सुरक्षा समस्याओं से ही जूझ रही हैं

बेजामिन नेतनयाहू के नेतृत्व वाली सरकार ने आर्थिक सुधार पर नज़र रखने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है.

ये समिति प्रदर्शनकारी नेताओं से मिलेगी और उनकी माँगों पर विचार करेगी. हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों की सारी माँगें पूरी नही कर सकते.

बढ़ी मुश्किलें

इस बीच इसराइल के लिए मुश्किलें बढ़ाते हुए तुर्की ने कहा है कि वो ग़ाज़ा पट्टी पर इसराइल की ओर से पैदा की जा रही बाधाओं को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चुनौती देगा.

पिछले साल ग़ाज़ा जा रहे तुर्की के एक जहाज़ को इसराइल की ओर से रोके जाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी. इससे पहले तुर्की ने इसराइल के राजदूत को वापस भेज दिया था.

इस फैसले के बाद दोनों देशों के सैन्य संबंधों में भी टकराव पैदा हो गया है.

.

संबंधित समाचार